विचार

हमाला नंबल कब आएगा,आलेख : होमेन्द्र देशमुख

हमाला नंबल कब आएगा..!

आलेख: होमेन्द्र देशमुख


मां रात रात भर सोती नही । पापा अक्सर साथ होते नही । मैं स्कूल जाती नही । छोटे भैया का पेट भरता नही ।

मैं जब पांचवी कक्षा पास हुई तब पापा ने स्कूल छुड़ा दी , मैं आगे पढ़ना चाहती थी । मेरी मां की पिटाई हुई पर भी मेरी मां ने मुझे स्कूल में फिर से भर्ती करवाया था। मैं तो एक साल में कभी स्कूल गई ही नही । वैसे तो मेरे मुहल्ले से कोई भी स्कूल नही जाता पर कभी कभी मुझे लगता है -पता नही मां ने मेरा मन रखने के लिए मेरा झूठ मूठ भर्ती तो नही करवाया था ..!

मां जब साहब के घर काम पर जाती है तब मैं भी जाती हूं , उनकी मैडम आंटी ने एक दिन मुझे अपने मोबाइल से किताब पढ़ना सिखाया था । एक दिन मैंने उनके मोबाइल को साबुन से धो दिया उस दिन से मां अब मुझे वहां नही ले जाती । मेरे घर मोबाइल नही है न ।

कालोनी में हम रोहन के मोबाइल से कभी कभी पढ़ते लेते थे । पर स्कूल की पढ़ाई घर मे थोड़े ही हो सकती है न । सबकी मां कहती थीं टीका लगेगा तब हम स्कूल जाएंगे । मेरी दादी को टीका लगाने का नंबर आ गया । मेरे पापा कहते हैं एक दिन की रोजी और ऑटो का पैसा खराब कर कौन टीका की लाइन में लगे , उमर हो गई , एक दिन तो मरना ही है ।

मेरी मां को मैडम आंटी जी ने बहुत समझाया – मौका किस्मत वालों को मिलता है , उनको टीका लगवा आओ । सच तो है, आखिर घर वालों की भी तो बीमारी से बचत होगी।

मां को हमारी दिन रात बहुत चिंता रहती है । मेरी पढ़ाई खराब हो रही है न । पता नही हम इस साल भी स्कूल कैसे जाएंगे । मैडम आंटी भी कहती हैं कि जब बच्चों का नंबर आएगा तब पहले दिन ही अपने बेटे को टीका लगवाएंगीं , क्योंकि वह भी स्कूल नही जा पाता न । मेरी मां कहती हैं कि अगर उनका नंबर आएगा तो अपना टीका वह मुझको लगवा देंगी ..! सच मे कितना अच्छा हो जाता ..पर क्या ऐसा हो सकता है…?

कालोनी में रोहन के पापा तो कहते हैं सरकार सब को टीका लगवाएगी । हमारे स्कूल में भी एक दिन टीका वाले आएंगे ।


कल रोहन के पापा और मेरे पापा का भी टीके का नंबर आ गया । हम बच्चों का नंबर आता तो कितना मजा आता । पर, पापा तो कुछ सुनते और समझते ही नही , बस काम काम । ऊपर से कहते हैं – मुझे नही लगवाना टीका । पता नही इनका नंबर क्यों आ गया । उससे अच्छा तो हम लगवा लेते ..

पर हमारा नंबर कब आएगा , हमे तो अभी बहुत पढ़ना है । बहुत बड़ा होना है । हम अपने दोस्तों से मिलने स्कूल कब जा पाएंगे .. !
मैं दिन रात यही सवाल, मम्मी से करती हूं । मेरे छोटे भैया भी मेरी नकल कर मम्मी से पूछता है –

हमाला नंबल कब आएगा…!

आज बस इतना ही…

( लेखक न्यूज़ चैनल में सीनियर वीडियो जर्नलिस्ट हैं)

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