छत्तीसगढ़

ब्लैक फंगस से छत्तीसगढ़ में हुई पहली मौत, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप

दुर्ग(khabar warrior)- छत्तीसगढ़ में ब्लैक फंगस से हुई मौत के बाद हड़कंप मच गया है। दुर्ग में हुई इस मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में जहां हलचलें तेज हो गयी है, तो वहीं दुर्ग के अस्पतालों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिये गये हैं। कल ही छत्तीसगढ़ में ब्लैक फंगस के बढ़े प्रकोप की खबरें आयी थी। एम्स में 15 मरीजों को भर्ती कराया गया था। जिसमें से 8 मरीजों की आंखों में गंभीर संक्रमण मिले थे।

इधर बुधवार की रात दुर्ग में श्रीनिवास राव नाम के एक मरीज की ब्लैक फंगस से मौत हो गयी। जानकारी के मुताबिक श्रीनिवास राव को कुछ दिन पहले ही कोरोना हुआ था। कोरोना होने के बाद श्रीनिवास को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद वो पूरी तरह से स्वस्थ्य होकर घर जा चुका था।

भिलाई टाऊनशिप इलाके के रहने वाले श्रीनिवास राव को 11 मई को ब्लैक फंगस का लक्षण महसूस हुआ। इंफेक्शन की हालत को देखते हुए श्रीनिवास राव को तत्काल भिलाई के सेक्टर 9 अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन एक दिन बाद ही सेक्टर-9 अस्पताल में उसकी मौत हो गयी। छत्तीसगढ़ के अलाग-अलग जिलों में ब्लैक फंगस के 20 से ज्यादा मरीजों की खबरें आ रही है। लिहाजा कल ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस बीमारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने और दवाई की व्यवस्था के निर्देश दिये थे।

स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव के मुताबिक स्ट्रायाड के बेहिसाब इस्तेमाल की वजह से ब्लैक फंगस का संक्रमण बढ़ा है। ये बीमारी बड़ी तेजी से बढ़ता और ब्रेन तक पहुंच जाता है। स्वास्थ्य मंत्री ने इस बीमारी का लक्षण महसूस होते ही तत्काल डाक्टर के पास जाने की जरूरत बतायी है। वहीं एम्स के डायरेक्टर नितिन एम नागरकर ने बताया है कि ये बीमारी पुरानी है और इसका इलाज भी संभव है, लेकिन इसका लक्षण महसूस होते ही तत्काल डाक्टर के पास जाना चाहिये। अस्पताल में रहकर इसका इलाज किया जा सकता है।

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