जुर्म

दूसरे के नाम का उपयोग कर फर्जी फेसबुक एकाउंट से की धोखाधड़ी, हजारों रुपए ऐसे कराए अपने एकाउंट में जमा

रायपुर (खबर वारियर )राजधानी में साइबर क्राइम का ग्राफ लगातार बढ़ते ही जा रहा है ,लोग लगातार ठगे जा रहे हैं और पुलिस हांथ पर हांथ धरे समीक्षा करने में लगी है।

ऐसा ही एक ताजा मामला सामने आया है जिसमे अनजान व्यक्ति ने दूसरे के नाम से फेसबुक एकाउंट बनाकर मैसेंजर से चैटिंग कर हजारों रुपए अपने बैंक खाता में जमा कर लिया ।

प्रथम शिकायतकर्ता डॉ.विजयशंकर मिश्रा ने साइबर सेल में लिखित शिकायत की है कि उनके नाम से तथा उनका डाटा उपयोग कर किसी अनजान व्यक्ति द्वारा फेसबुक एकाउंट बनाकर मैसेंजर के माध्यम से  उनके परिचित नरेंद्र मिश्रा से हजारों रुपए अपने एकाउंट में जमा कर लिया है ।

पूरा मामला तब  खुला जब डॉ.विजयशंकर मिश्र और नरेंद्र मिश्रा के बीच बात हुई।फिर नरेंद्र मिश्र को अपनी ठगी का अहसास हुआ और मामला पुलिस तकं पहुँचा।

नरेंद्र मिश्रा द्वितीय शिकायतकर्ता ने भी पूरी डिटेल जानकारी के सांथ पुलिस में शिकायत की है। जिसमे जिस खाता में  जमा करवाया गया है उसका नाम एकाउंट नम्बर सहित पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के बाद भी राजधानी पुलिस व साइबर क्राइम की एक्सपर्ट पुलिस अभी तक कुछ कार्यवाई करने में नाकाम ही साबित हुई है।

प्रदेश में एक ओर जहां अपराधों पर इन दिनों राजनीति जमकर हो रही है ,और मंत्री से लेकर आला अधिकारी अपराधों की किस्मों की समीक्षा  करने में लगी है।वहीं डिजिटल पुलिसिंग का दावा करने वाली राजधानी पुलिस शिकायतकर्ता द्वारा पूरी जानकारी नाम एकाउंट नम्बर सहित बताने के बाद भी कोई कार्यवाई करने में अक्षम साबित हो रही है।

अब ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि लगातार बढ़ रहे अपराधों खासकर साइबर अपराधों से निपटने राजधानी पुलिस कितनी सक्षम है इसका जीत जलगता उदाहरण सामने है।अब सवाल तो यह भी उठता है कि आखिर समीक्षा सिर्फ अपराधों की किस्मों की हो रही है या उससे निपटने की तथा उपलब्ध संसाधनों के सांथ सक्षमता की।

 

 

 

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