छत्तीसगढ़

प्रतिदिन सब्जी भाजी उगा कर बेचने वालों के बारे में भी सोंचे कलेक्टर साहब – संजीव अग्रवाल

रायपुर( खबर वारियर )- आरटीआई कार्यकर्ता और कांग्रेस नेता संजीव अग्रवाल ने रायपुर में 09 अप्रैल से 19 अप्रैल तक लगने वाले लॉकडाउन के संबंध में खुशी जाहिर की है लेकिन साथ ही प्रतिदिन सब्जी भाजी उगा कर उसे सब्जी बाजार में बेचकर अपना जीविकोपार्जन चलाने वाले लोगों के बारे में चिंता भी व्यक्त की है।

उन्होंने कहा कि जहां एक ओर कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए शासन और प्रशासन द्वारा लॉकडाउन लगाने का आदेश स्वागत योग्य है वहीं दूसरी ओर रायपुर कलेक्टर को लॉकडाउन से प्रभावित होने वाले छोटे और मझोले सब्जी व फल विक्रेता, किराना दुकानदार, ठेले खोमचे वालों और दिहाड़ी मजदूरों के बारे में भी सोचना चाहिए।

संजीव ने मीडिया के माध्यम से रायपुर कलेक्टर को सुझाव दिया है कि क्यों न प्रशासन प्रतिदिन सब्जी भाजी उगाने वाले लोगों से उन सब्जियों को उचित दर पर ख़रीदकर स्वयं ही रायपुर की जनता को घर पहुंच सेवा दे। इससे लोगों को लॉकडाउन के समय सब्जियां भी उपलब्ध हो जाएंगी और उन छोटे और मझोले सब्जी विक्रेताओं का नुकसान भी नहीं होगा। वर्ना इतनी भीषण गर्मी में अगर सब्जियां समय पर नहीं बिकीं तो वे खराब हो जाएंगी और पहले से ही मंदी की मार झेल रहे लोगों को और आर्थिक नुकसान होगा और जो गरीब व मजदूर वर्ग रोज सब्जी खरीद कर खाते हैं उन्हें भी सहूलियत होगी।

ये सुझाव “एक पंथ दो काज” जैसा है जिससे कि लॉकडाउन के दरमियान लोगों को सब्जियां भी उपलब्ध हो जाएंगी तथा जो छोटे सब्जी विक्रेता जो प्रतिदिन सब्जी भाजी उगाकर कर बेचते हैं उनकी सब्जियां भी खराब नहीं होंगी और उनकी जेब में कुछ पैसे भी आ जाएंगे। अतः रायपुर के कलेक्टर साहब से निवेदन है कि इस विषय पर मेरे सुझाव को संज्ञान में लेते हुए अपनी संवेदनशीलता दिखाएं।

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