पहली बार ई-प्रतियोगिता, ऊर्जा संरक्षण को लेकर सेल्फी भेजें

रायपुर(खबर वारियर)- कोरोना वायरस संक्रमण काल में हर प्रतियोगिताएं ऑनलाइन पर निर्भर है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में पहली बार राज्य सरकार के ऊर्जा विभाग से संबद्ध छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा ऊर्जा संरक्षण के प्रति अपने महत्वपूर्ण योगदान को प्रदर्शित करने के लिए 14 से 20 दिसंबर तक सेल्फी ई-प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यानी आप घर बैठे ऊर्जा संरक्षण की थीम पर अपना एक सेल्फी खींचे और विभाग को भेज दें। प्रथम श्रेष्ठ पोस्ट करने वाले 200 प्रतिभागियों को 500 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए छत्तीसगढ़ के निवासी फेसबुक यूजर्स अपना रजिस्ट्रेशन 20 दिसंबर तक करा सकते हैं। रजिस्टर्ड प्रतिभागी ही इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कोई शुल्क नहीं है। प्रतियोगिता के नियम एवं शर्तों के अनुसार पोस्ट किए गए एन्ट्री ही मान्य होगी।
रजिस्ट्रेशन के लिए क्रेडा के फेसबुक पेज Chhattisgarh State Renewable Energy Development Agency (CREDA) पर दिए गए Energy Conservation Selfie Contest-2020 लिंक पर क्लिक कर अपना विवरण अंकित करना होगा। क्रेडा के फेसबुक पेज का लिंक https://www.facebook.com/credaonfb/ है।
अक्षय ऊर्जा का छत्तीसगढ़ में बड़ा योगदान
छत्तीसगढ़ के वनक्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों के बसे गांव सौर उर्जा से जगमगाने लगे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन में छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण क्रेडा द्वारा राज्य के ऐसे इलाके जहां पर विद्युत लाइन पहुंचाने में दिक्कत आ रही है वहां सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। सौर उर्जा से इन क्षेत्रों के लोगों के जीवन में तरक्की की नई राह खुल रही है। सौर उर्जा से इन इलाकों में किसानों को सिंचाई सुविधा मिल रही है। वहीं स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा हुआ है।
कबीरधाम जिले में बोड़ला एवं पंडरिया विकासखंडों सहित अन्य बैगा बाहुल गांवों में कार्य योजना के तहत वहां सौर ऊर्जा के पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं। योजना के तहत क्षेत्र में 51 सोलर पावर प्लांट के माध्यम से 47 स्थलों पर विद्युतीकरण का कार्य किया गया है। यहां करीब 600 यूनिट बिजली का प्रतिदिन उत्पादन हो रहा है, जिससे यहां के जंगलों एवं दुर्गम पहाड़ियों में स्थित उप स्वास्थ्य एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा वहां निवासरत बैगा आदिवासी परिवारों को सोलर होम लाइट प्रदान कर उनके घरों को रौशन करने कार्य क्रेडा द्वारा किया गया है।
जिला चिकित्सालय में भी बिजली बचाने के उद्देश्य से 50 किलो वाट क्षमता के आन ग्रिड सोलर पावर प्लांट संयंत्र के स्थापना क्रेडा के द्वारा कराई गई है। इस प्लांट संयंत्र से प्रति दिन लगभग 150 से 200 यूनिट बिजली सौर ऊर्जा से उत्पादन किया जा रहा है। जिसे सीधे विद्युत वितरण कंपनी द्वारा प्रदायित विद्युत सप्लाई से सिंक्रोनाइज कर प्रति दिन जिला अस्पताल में विद्युत खपत को कम करने के लिए किया जा रहा है। आन ग्रिड संयंत्र स्थापना से लेकर अब तक सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना से स्वास्थ्य केंद्रो को विद्युत व्यवस्था के साथ साथ वित्तीय लाभ भी हो रहे हैं।
क्रेडा विभाग द्वारा सोलर पावर प्लांट स्थापना के साथ ही पांच वर्षों की वारंटी भी रहती हैं, जिसके अन्तर्गत पांच वर्ष तक मेंटेनेन्स कार्य में होने वाले व्यय का वहन विभाग द्वारा किया जाता है। स्वास्थ्य केंद्रों में स्थापित सभी सौर ऊर्जा संयंत्र वर्तमान में कार्यशील अवस्था में हैं। विगत वर्ष 2019-20 में क्रेडा द्वारा वारंटी अवधि समाप्त हो चुके 17 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्रों की बैटरी विभागीय मद से बदल कर नई स्थापित कराई गई हैं।
इसके अलावा तीन स्थलों की बैटरी बदले के लिए प्रस्ताव संबधित कार्यालय को भेजा जा चुका हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शासकीय अस्पतालों में जहां परंपरागत विद्युत बार-बार बाधित होती रहती है। वहां सौर ऊर्जा अत्यंत ही उपयोगी साबित हो रही है।



