नए कृषि क़ानून से सबसे ज्यादा छत्तीसगढ़ के किसान होंगे लाभन्वित-प्रधान

भारत सरकार 10 हज़ार करोड़ रुपए की लागत से बनाएगी  100 करोड़ लीटर एथेनाल

रायपुर(खबर वारियर)केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नए कृषि क़ानूनों को देशभर के अन्नदाता किसानों के लिए क्रांतिकारी परिवर्तन की शुरुआत बताते हुए कहा है कि केंद्र सरकार की कृषि नीति से सबसे ज्यादा छत्तीसगढ़ का किसान लाभन्वित होगा। इससे किसानों की आय दोगुनी होगी। इस बिल से कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और किसानों की पहुँच विश्व बाजार तक होगी।

छत्तीसगढ़ के किसान की उपज, वनोपज़, टेक्सटाइल उद्योग के लोग आत्मनिर्भर भारत के विचार से जुड़कर तरक्की कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री श्री प्रधान सोमवार को छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी की नवगठित प्रदेश कार्यसमिति की पहली वर्चुअल बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

केंद्रीय मंत्री प्रधान ने कहा कि भारत सरकार 10 हज़ार करोड़ रुपए की लागत से 100 करोड़ लीटर एथेनाल बनाएगी। इसमें एफसीआई के धान का उपयोग किया जाएगा जिससे छत्तीसगढ़ के किसानों को लाभ होगा।  प्रधान ने कहा कि कांग्रेस स्वयं के हित और एक परिवार से आगे कुछ नहीं सोच सकती। दशकों तक देश-प्रदेश पर शासन करने वाली पार्टी, अपनी पाकिस्तान-परस्त सोच और अक्साईचिन थाली में परोस कर देने वाले लोग देश की सेना पर सवाल उठाते हैं।

केंद्रीय मंत्री  प्रधान ने कांग्रेस की संकीर्ण राजनीतिक सोच और शासन संचालन में विफलता पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस राज्य को अटल जी ने बनाया और हमने अपनी मेहनत से सींचा, उसे कांग्रेस बर्बाद कर रही है। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार दिल्ली, हैदराबाद में अंग्रेजी में विज्ञापन देकर छत्तीसगढ़ की तरक्की का नाटक खड़ा करने का प्रयत्न कर जनता का पैसा बर्बाद कर रही है। बैठक में प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने राजनीतिक प्रस्ताव पेश कर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर जमकर निशाना साधा। राजीतिक प्रस्ताव का भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने समर्थन किया।

इससे पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि आज दुनियाभर में भारत को सम्मान की दृष्टि से देखा जा रहा है। कोविड-19 समेत अनेक तरह की वैश्विक चुनौतियों, आतंरिक समस्याओं-आलोचनाओं-विरोधों आदि को झेलते हुए भी आज भारत अगर आपदा में अवसर तलाश रहा है, संकटों में भी आत्मनिर्भर भारत होने जैसा, लोकल के लिए वोकल होने जैसा हिम्मत हम कर पा रहे हैं, तो इसके लिए  मोदी के प्रेरक नेतृत्व व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगतप्रकाश नड्डा के सांगठनिक कौशल को श्रेय जाता है।

साय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कृषि सुधार के क्षेत्र में ऐतिहासिक और क्रांतिकारी क़ानून ने वास्तव में किसानों की सच्ची आज़ादी का मार्ग प्रशस्त किया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  साय ने कहा कि समूचे देश में शान्ति के टापू के रूप में अपने छत्तीसगढ़ की पहचान थी, वहां आज देखते ही देखते हत्या, डकैती, लूट, तस्करी का गढ़ बना दिया गया है।

छोटी-छोटी बालिकाओं से लेकर बुजुर्ग महिलाओं तक से हो रहे दुष्कर्म की ख़बरों ने हमारा मस्तक शर्म से झुका दिया है। बस्तर से लेकर सरगुजा तक ऐसी शर्मनाक ख़बरें हमें रोज लज्जित कर रही हैं। अनेक ऐसी घटनाओं में कांग्रेस के नेताओं की सहभागिता और समर्थन ने हालात को और खराब बनाया है।

जहां सरगुजा में कांग्रेस का जनप्रतिनिधि नाबालिग के साथ दुष्कर्म का आरोपी है वहीं बस्तर के केशकाल में तो दुष्कर्म के बाद बच्ची के आत्महत्या कर लेने पर पैसे लेकर मामले को रफा-दफा कर लेने की ख़बरों ने हैरत में डाल दिया है। महीनों तक न्याय के लिए परेशान बालिका के पिता ने भी ख़ुदकुशी करने की कोशिश की तब मामला सामने आ पाया। रायगढ़ से लेकर सुकमा तक, बिलासपुर से लेकर रायपुर तक हर जगह घटनाएं हो रही हैं।

  बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष  साय ने कहा कि ऐसे तमाम हालात से आंख मूंदें कांग्रेस की सरकार केवल दस जनपथ को खुश रखने में लगी हुई है। दुष्प्रचार और प्रोपगंडा करते रहने के अलावा इस सरकार का मानो कोई काम ही नहीं रह गया है। ऐसी घटनाओं पर कारवाई तो दूर, खुद प्रदेश के कैबिनेट मंत्री यह कहते हैं कि प्रदेश में हो रहे दुष्कर्म छोटी घटना है। यह लज्जाजनक बात है। श्री साय ने कहा कि प्रदेशभर में सरकार असहमति की आवाज का दमन, आलोचना करने वालों की प्रताड़ना और असहिष्णुता का रोज नया अध्याय रच रही है।

सबसे खतरनाक है मीडिया जगत के लोगों पर बर्बर आक्रमण। पत्रकारों के सामने रोजी-रोटी का संकट इस कोरोना काल में पैदा किया जा रहा है। सरकार में उच्च पदों पर बैठे लोगों द्वारा खुले आम धमकियां दी जा रही है, लोगों की नौकरी ली जा रही है, ये सब भयावह और आतंकित करने जैसा है।

आम जनता पर भी सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति तक के कारण राजद्रोह का मुकदमा आदि दर्ज किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं पर लगातार शासकीय हमले के खिलाफ दुर्ग के सांसद विजय बघेल के अनशन का जिक्र करते हुए  साय ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं पर प्रदेशभर में उत्पीड़न की तलवार लटक रही है।

छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार की वादाख़िलाफ़ी और विश्वासघात की चर्चा करते हुए  साय ने कहा कि क़र्ज़ से प्रदेश की जनता को आकंठ डुबा दिया गया है। न प्रदेश की अर्थव्यवस्था बची है, न कानून व्यवस्था, न रोजगार मिला न बेरोजगारी भत्ता, न शराबबंदी हुई न नक्सलियों पर कार्रवाई, न नए प्रोजेक्ट शुरू हुए न पुराने पूरे हुए, न 20 लाख तक इलाज मिला, न महिला स्वसहायता समूहों का कर्ज माफ हुआ, न संपत्ति कर माफ हुआ।  साय ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम, जाँच और उपचार समेत कोरोना वॉरियर्स की सुरक्षा जैसे तमाम मोर्चों पर भूपेश सरकार को नाकारा बताया और कहा कि प्रदेश में डेढ़ लाख मरीज हो गए हैं।

किसानों के नाम पर राजनीतिक रोटी सेंकने वाली कांग्रेस सरकार के राज में किसानों द्वारा आत्महत्या किये जाने की ख़बरें लगातार आ रही हैं। कहीं नकली खाद-बीज-कीटनाशक के कारण चौपट हुई फसलों के कारण किसान अपनी जान दे रहे हैं, तो कहीं फसल की कीमत नहीं मिलने के कारण तो कहीं क़र्ज़ से दबे होने के कारण। पिछले वर्ष के धान की कीमत आज तक यह सरकार नहीं चुका पाई है जबकि अब नई फसल लगभग तैयार है। अफ़सोस की बात है कि किसानों का एक-एक दाना धाना खरीदने का वादा कर सत्ता में आने वाली सरकार धान खरीदी में पूरी तरह विफल रही।

 प्रदेश अध्यक्ष  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने केन्द्रीय पूल में डेढ़ गुना अधिक चावल खरीदने की घोषणा की है। ऐसे में इस निर्णय का सारा लाभ किसानों को मिले।

60 लाख टन चावल के लिए 85-90 लाख मीट्रिक टन धान की ज़रूरत होगी। भाजपा यह मांग करती है कि प्रति एकड़ कम-से-कम 20 क्विंटल धान खरीदा जाए। धान खरीदी भाजपा सरकार की तरह ही एक नवंबर से ही शुरू की जाए और एकमुश्त धान की कुल कीमत किसानों के खाते में इसी समय सीमा में पहुँचाने की व्यवस्था हो। शीघ्र से शीघ्र किसानों के दोनों वर्ष के बकाया बोनस का पैसा दिया जाये।

किसानों का रकबा एक इंच भी घटाने का भाजपा विरोध करेगी। कांग्रेस सरकार यह घोषणा करे कि इस क़ानून का सम्मान करते हुए इस बार ऐसे किसी बहाने से किसानों को परेशान नहीं करेगी, उन पर मुकदमे आदि नहीं करेगी। श्री साय ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर बड़े-बड़े आन्दोलन हुए। एक किसान जहां आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर हुआ, वहीं अनेक जगह झूठे मुक़दमे आदि करके उनका भयादोहन भी किया गया।

साय ने शराबबंदी के वादे से मुकरने के लिए भी प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया और कटाक्ष किया कि इसके उलट शासन ने शराब की घरपहुँच सेवा शुरू की है। छत्तीसगढ़ में करीब 25 लाख युवा बेरोजगार पंजीकृत है। कांग्रेस 10 लाख बेरोजगारों को 2500 रूपये बेरोजगारी भत्ता देने के वादे पर भी सत्ता में आई थी। लेकिन इन युवाओं को अब तक भत्ता नहीं मिला।

निराशा इतनी है कि हाल में एक युवा ने आत्महत्या तक की कोशिश की। श्री साय ने कहा कि प्रदेश में रेत माफिया, शराब माफिया,भू माफिया, हाथी माफिया, कोयला माफिया, ड्रग माफिया, जंगल माफिया समेत हर तरह के माफियाओं के पौ बारह हैं और न केवल कांग्रेस का इन सबको संरक्षण है बल्कि अनेक मामलों में स्वयं कांग्रेस के नेतागण संलिप्त है। विरोध करने वाले भाजपा के प्रतिनिधियों के साथ बर्बर हिंसा की जा रही है ।

नक्सलवाद की चर्चा करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  साय ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ कोई नीति नजर नहीं आ रही, कोई गंभीरता नहीं हैं। पसाय ने कहा पार्टी ने प्रदेशभर में कोविड-19 के तमाम प्रोटोकोल का पालन करते हुए भी बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित किये। समूचे प्रदेश में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कार्यकर्ताओं द्वारा अपने-अपने घर के सामने धरना देना या फिर किसानों के मुद्दों पर लगातार धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन, प्रेस वार्ता आदि के माध्यम से पार्टी लगातार सक्रिय रही है। कोरोना की भीषण त्रासदी में भी शासन की लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा का लगातार मुखर रहना भी एक बड़ी उपलब्धि है। अब हमें कांग्रेस की कुनीतियों और कुशासन के खिलाफ सड़क पर उतरना होगा।

भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद (राज्यसभा) रामविचार नेताम ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाला समय और चुनौतीपूर्ण हैं, सभी चुनौतियों का मजबूती से मुकाबला करते हुए कार्यकर्ताओं का मनोबल और ऊंचा उठाकर हमें आगे बढ़ना है। कार्यकर्ताओं को हताश और निराश होने की आवश्यकता नहीं हैं। हम सभी कार्यकर्ता मजबूती के साथ जनता के बीच भाजपा की आवाज पहुंचाएंगे। 2003 के पहले भी हमारी सरकार नहीं थी, साधन संसाधन का आभाव था, हम सभी ने मिलकर संघर्ष किया और छत्तीसगढ़ में जनता के आशीर्वाद से परिवर्तन के बाद सुशासन की परिकल्पना के साथ डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में हमने भाजपा की सरकार बनाई।

आज प्रदेश की कांग्रेस सरकार में सारी मर्यादा लांघी जा रही हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा हैं, डराने धमकाने का अमानवीय कृत्य किया जा रहा है। फर्जी मुकदमा बना कर भाजपा कार्यकर्ताओं को जेल में डाला जा रहा है।

नेताम ने कहा कि आज प्रदेश सरकार द्वेषपूर्ण कार्य कर रही हैं। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के बूते प्रदेश की सरकार चल रही हैं पर उन योजनाओं का लाभ प्रदेश सरकार जनता तक नहीं पहुंचा रही है।

आज केंद्र की प्रधानमंत्री आवास योजना की बात करें तो लाभ नहीं मिल पा रहा हैं प्रदेश सरकार हाथ खड़ा कर रही हैं। बोनस देने, बिजली बिल हाफ सहित सभी योजनाएं कपोल-कल्पित ही साबित हो रही हैं। श्री नेताम ने कहा कि आने वाले समय मे भाजपा की सरकार बनेगी, यह हम विश्वास से कह सकते हैं। निश्चित ही हम कार्ययोजना बना कर एक सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे।

धरमलाल कौशिक ने राजनीतिक प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए केंद्र के कृषि सुधार कानून को किसानों की वास्तविक आज़ादी का घोषणा पत्र बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कृषि सुधार के एक नए युग ने प्रवेश करने के लिए धन्यवाद दिया।

उन्होंने कृषक द्रोही सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में 2019 में 233 किसान और खेतिहर ने आत्महत्या की और स्वयं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जिले में इसी माह नंदिनी थानान्तर्गत श्री लीलूराम पटेल व प्रदेश के इतिहास में पहली बार नकली कीटनाशक के कारण श्री दुर्गेश निषाद ने आत्महत्या कर ली।

उन्होंने कहा कि शांति का टापू छत्तीसगढ़ आज अपराधियों की सैरगाह हो गया है । 1 साल में डकैती, लूट, अपहरण , हत्या के 17009 घटनाये हो चुकी है। मासूम बच्चियों से लेकर माताओ से 31 जनवरी2020 तक 2575 बलात्कार की दर्दनाक घटना हुई है।
क्वारेन्टीन सेंटर में अव्यवस्था के कारण लगातार मौते । कोरोना में 1 लाख 60 हज़ार संक्रमित, और प्रदेश में आयुष्मान भारत, स्मार्ट कार्ड के बदले लागू खूबचंद बघेल योजना में न तो लोगो का इलाज हो रहा है न भुगतान हो रहा है।

युवा , महिला, सरकारी कर्मचारी सरकार के वादाखिलाफी, जनता शराब, खनिज माफिया से त्रस्त है।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष व विधायक शिवरतन शर्मा ने नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक द्वारा लाए गए राजनीतिक प्रस्ताव का समर्थन किया जिसे हाथ उठा कर ध्वनिमत से सभी ने समर्थन कर राजनीतिक प्रस्ताव पास किया।