केंद्र के कानूनों से किसानों को कोई लाभ नहीं,एमएसपी पर खरीदी की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर किसान 5 नवंबर को पूरे देश में करेंगे चक्काजाम

दुर्ग(खबर वारियर)छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन द्वारा अंडा में किसान चौपाल आयोजित किया गया, उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए एड. राजकुमार गुप्त ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि इन कानूनों से किसानों को कोई लाभ नहीं होगा जैसा सरकार प्रचार कर रही है, केंद्र के कानून से अपनी उपज “अपने भाव” देश में कहीं भी बेचने के लिये किसान “आजाद” हो गये हैं ,सरकार का यह दावा झूठा है किसान अपनी उपज “कहीं भी” बेचने के लिये पहले से ही “आजाद” रहे हैं।

उन्होंने किसानों को बताया कि केंद्र के कानून से व्यापारी बिना लाईसेंस के देश में कहीं भी उपज खरीदने के लिये आजाद हो गये हैं, केंद्र के कानून में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उपज की खरीदी होने की कोई कानूनी गारंटी नहीं है इसलिये पूरे देश के किसान केंद्र के कानूनों के खिलाफ संघर्ष कर रहे है।

झबेंद्र भूषण वैष्णव ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य से पिछले साल की तुलना में 17 लाख टन चांवल की खरीद कर रही है इसका फायदा किसानों को मिलना चाहिये और प्रति एकड़ 20 क्वि. की दर से धान की खरीदी 1 नवंबर से शुरू करना चाहिये।

उन्होनें आगे कहा कि किसान न्याय योजना में धान की खरीदी की अंतर की राशि सरकार किश्तों में दे रही है,कोरोना संकट में ऐसा करने के लिये सरकार की विवशता हो सकती है, मगर इस चालू कृषि वर्ष में न्याय योजना की प्रति एकड़ 10 हजार और दो साल के बकाया बोनस की राशि का एकमुश्त भुगतान जून माह तक करना चाहिये।

किसानों को संबोधित करते हुए उत्तम चंंद्राकर ने कहा कि सरकार ने गेहूं, चना आदि उपजों की सरकारी खरीदी करने का चुनावी वायदा किया था जो आजतक पूरा नहीं किया गया है, उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संंगठन के नेतृत्व में 5 नवंबर को दुर्ग के मिनिमाता चौक में किये जा रहे चक्का जाम में शामिल होने की अपील किया

किसान चौपाल में घनश्याम चंद्राकर, सीताराम चंद्राकर, प्रहलाद चंद्राकर, जयराम चंद्राकर, हलधर साहू, कृष्णा धीवर, कमल सिंहा, दयाराम धीवर, मेहतर सिंहा, फेरहा धीवर, कुमार सिंहा, शंकर चंद्राकर, थनवार चंद्राकर, किशोर कुमार चंद्राकर, कोमलसिंह चंद्राकर, अजय चंद्राकर, प्रवीण चंद्राकर, राकेश कुमार, चैतराम यादव, कृष्णा साहू आदि शामिल थे ।