प्रदेश के कर्मचारी कलम रख – मशाल लेकर किए कलेक्टोरेट कूच

रायपुर (खबर वारियर) छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आव्हान पर प्रथम चरण के आंदोलन के तहत आज 01 दिसंबर मंगलवार को दोपहर भोजनावकाश में प्रदेश के कर्मचारी अपने-अपने कार्यालयों, शालाओं, संस्थाओं में अपना कलम रखकर हाथों में मशाल लेकर न्याय की गुहार करने कलेक्टर कार्यालयों की ओर कूच कर मुख्यमंत्री भूपेश बधेल को संबोधित ज्ञापन सौपे। देर रात्रि तक पूरे प्रदेश में जंगी प्रदर्शन के समाचार फेडरेशन प्रतिनिधियों को प्राप्त होते रहे।
रायपुर राजधानी में ओसीएम. चैक से वाहन रैली निकाल कर संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग से पैदल रैली, हाथों में मसाल लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचा। जहां कलेक्टर रायपुर के प्रतिनिधि शिम्मी नाहिद डिप्टी कलेक्टर को 14 सूत्रीय मांगपत्र सौपा गया।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के जिला संयोजक इदरीश खाॅन एवं संभगीय संयोजक अजय तिवारी ने बताया है कि प्रदेश के सभी जिलों में तथा राजधानी सहित मंत्रालय, संचालनालय में मशाल रैली निकालकर कर्मचारियों ने वादा खिलाफी के विरूद्व जंग का शंखनाद किया।
संचालनालय की रैली संयोजक कमल वर्मा के नेतृत्व में इंद्रावती भवन में रैली निकालकर डाॅ.सी.आर.प्रसन्ना नोडल अधिकारी को ज्ञापन सौपा। प्रतिनिधि मण्डल में विभागाध्यक्ष कर्मचारी संध अध्यक्ष रामसागर कोशले, संतोष वर्मा, सत्येन्द्र देवाॅगन, अमोद श्रीवास्तव, नंदलाल चैधरी, जी.पी.जायसवाल, अनिल देवाॅगन, गोपाल प्रसाद साहू, जय साहू, योगेश निषाद् हेमंत साहू शामिल थे। बड़ी संख्या में मंत्रालयीन कर्मचारियों ने देवलाल भारती अध्यक्ष के नेतृत्व में सचिव सामान्य प्रशासन विभाग को मांगपत्र सौपा।
राजधानी के कर्मचारी कलेक्टोरेट में मशाल जुलूस के रूप अपने-अपने विभगों से शामिल हुए। रैली का नेतृत्व विजय कुमार झा, यशवंत वर्मा, इदरीश खाॅन, पंकज पाण्डेय, बी.पी.शर्मा, दिलीप झा, अशोक रायचा, आर.के.रिछारिया, अजय तिवारी, अश्वनी वर्मा, संतोष त्रिपाठी, नीरज प्रताप सिंह, उमेश मुदलियार, राकेश शर्मा, मुकेश दुबे, संतोष सामंत राय, सुधाकर राव शिन्दे, अभिनव शुक्ला, वीरेन्द्र नामदेव, हरिमोहन सिंह, एम. एल. चन्द्राकर, राजीव वर्मा, होरीलाल छेद्इया, डाॅ. अरूंधति परिहार, संजय शर्मा, बजरंग मिश्रा, राजकुमार कुशवाहा, संतोष धनगर, ए.जे.नायक, नरेश वाढ़ेर, अमर मुदलियार, डाॅ.अरूंधति परिहार, रूपकुमारी साहू, मंजूममता लकड़ा, सुरेन्द्र त्रिपाठी, विमलचंद्र कुण्डू, प्रकाश ठाकुर, आदि के नेतृत्व हजारों कर्मचारियों ने मशाल रैली में भाग लिया।
सभा को फेडरेशन के प्रमुख प्रवक्ता विजय कुमार झा ने संबोधित करते हुए 14 सूत्रीय मांगों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए,कर्मचारियों के स्वयं की राशि जो शासन के पास जमा है, उसे ही मांगा जा रहा है। कोई नई मांग नहीं है। यदि 11 दिसंबर तक शासन द्वारा कर्मचारी हित में निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी 11 दिसंबर को पुनः प्रांतव्यापी धरना प्रदर्शन जिलों व राजधानी, इंद्रावती भवन में किए जाने की चेतावनी दी है।
फेडरेशन की प्रमुख मांग 9 प्रतिशत् लंबित मंहगाई भत्ता, 7 वां वेतनमान् का एरियर्स, स्वीकृत वेतनवृद्वि की राशि सहित शासकीय सेवा के दौरान कोरोना संक्रमण से दिवंगत परिजनों केा 50 लाख बीमा का लाभ दिया जावे, अनुकंपा नियुक्ति में 10 प्रतिशत् सीमाबंधन समाप्त करना, अनियमित कर्मचारियों के नियमितिकरण, 62 वर्ष सेवागारंटी, अखिल भारतीय व प्रशासनिक अधिकारियों की भाॅति समय सीमा में पदोन्नति क्रमोन्नति प्रदान करने,।
2004 के बाद नियुक्त लोक सेवकों को पुरानी पेंशन योजना लागू करने, लिपिक वर्ग, स्वास्थ एवं शिक्षक संवर्ग सहित सभी संवर्गो में व्याप्त वेतन विसंगति दूर करना, सहायक पशु चिकित्सक एवं सहायक शिक्षकों को अन्य कर्मचारियों की भाॅति तृतीय समयमान् वेतन देना।
जनधोषणा पत्र में शामिल वादों के अनुरूप समस्त शासकीय सेवकों को चार स्तरीय पदोन्नत् वेतनमान् दिया जावे, चतुर्थ श्रेणी, कार्यभारित आदि कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की भाॅति पदोन्नति, समयमान्, पेंशन आदि का लाभ दिया जावे, प्रदेश के पटवारियों को पदोन्नति व पटवारी कार्यालय हेतु ऑनलाइन कम्प्यूटर लेबटाॅप की सुविधा प्रदान करना शामिल है।
बस्तर संभाग में रैली का नेतृत्व कैलाश चैहान, बिलासपुर में डाॅ. बी.पी.सोनी, दुर्ग में सतीश मिश्रा, सरगुजा में ओंकार सिंह, व मंत्रालय में स्वयं कमल वर्मा संयोजक ने किया। जिला मुख्यालय में रैली पूर्णतः सफल रही, कर्मचारियों में जोश देखा गया।



