राज्य में वेटलैंडों की पहचान कर करेंगे बेहतर विकास

रायपुर(खबर वारियर)- छत्तीसगढ़ में वेटलैंड(आद्र भूमियों) की पहचान कर उनका विकास किया जाएगा। वन एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर की अध्यक्षता में शनिवार को छत्तीसगढ़ स्टेट वेटलैंड अथारिटी की पहली बैठक हुई। इसमें अकबर ने राज्य में वेटलैंडों का शीघ्र चिंहांकन और उनके विकास के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री अकबर ने वेटलैंड (कंसरवेशन एंड मैनेजमेंट) रूल्स के अंतर्गत टेक्नीकल कमेटी तथा ग्रीवेंस कमेटी और छत्तीसगढ़ स्टेट वेटलैंड अथारिटी को प्रदत्त शक्तियां तथा उसके दायित्वों की भी समीक्षा की।
उन्होंने बताया कि अथारिटी के कमेटियों का गठन राज्य में वन भूमि को छोड़कर राजस्व क्षेत्र में उपलब्ध वेटलैंडों के विकास के लिए किया गया है। उन्होंने राज्य स्तर के साथ-साथ जिला स्तर पर भी गठन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मंत्री अकबर ने बताया कि वेटलैंड के विकास से जैव विविधता के संरक्षण तथा संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ स्टेट वेटलैंड अथारिटी के सुव्यवस्थित संचालन के लिए बजट में आवश्यक प्रावधान किए जाने के संबंध में भी निर्देश दिए। उन्होंने अथारिटी के कार्य और दायित्व को पर्यावरण या वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में से किसी एक को सौंपने के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की।
अकबर ने कहा कि मंत्रिपरिषद की बैठक में इसके अनुमोदन के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा। इनमें संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से राज्य में वेटलैंडों के विकास के लिए कार्ययोजना पर तेजी से क्रियांवयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर प्रभारी मुख्य सचिव सुब्रत साहू, पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव आरपी तिवारी, सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन रीता शांडिल्य, सचिव पर्यटन अंबलगन पी., सचिव वन प्रेम कुमार और छत्तीसगढ़ काउंसिल आफ साइंस एण्ड टेक्नालाजी के महानिदेशक मुदित कुमार सिंह और विभिन्न् विभागों से डा. एमएल नायक, अरूण पाण्डेय, एनएस नाग, मोहित साहू आदि वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
क्या है वेटलैंड
वेटलैंड या आद्र भूमि जमीन के उस क्षेत्र को माना जाता है, जहां अस्थायी या स्थायी रूप से पानी भरा रहे। जमीन का वह हिस्सा धीरे-धीरे अपना एक स्वतंत्र पर्यावरणीय तंत्र विकसित कर लेता है।


