बजट से पहले आज सर्वदलीय बैठक, सरकार के विधायी एजेंडे को विपक्ष के सामने रखेंगे पीएम मोदी

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए तीनों नए कृषि कानूनों का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने नए कानूनों को कृषि क्षेत्र की बेहतरी के लिए जरूरी करार दिया। साथ ही किसान संगठनों के एतराज को देखते हुए इन कानूनों पर अमल रोकने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने का भरोसा भी दिया। राष्ट्रपति ने गणतंत्र दिवस के दिन टैक्ट्रर रैली के दौरान लाल किले पर हुड़दंग व तिरंगे के अपमान को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए इसकी आलोचना भी की।
कोरोना महामारी के चलते सर्वदलीय वैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये होगी। संभावना है कि विपक्षी दल कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसानों के प्रदर्शन पर बहस कराने की मांग करें। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला द्वारा शुक्रवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने इसी तरह की मांग की थी। सरकार ने सुझाव दिया था कि राष्ट्रपति के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान किसानों के आंदोलन के मुद्दे को उठाया जा सकता है। लोकसभा में दो, तीन और चार फरवरी को धन्यवाद प्रस्ताव के लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए लोकसभा और राज्यसभा की बैठकें पांच-पांच घंटे की पारी में हो रही है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि सदस्यों के बीच शारीरिक दूरी के मानकों का पालन किया जा सके। सत्र के दौरान राज्यसभा की बैठक सुबह में होती है। दोपहर बाद लोकसभा का सत्र शुरू होता है।



