छत्तीसगढ़

देश के मेहनतकश, मजदूरों, कर्मचारियों के साथ छलावा करने वाला बजट है.

रायपुर( खबर वारियर)- छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संध के प्रदेशाध्यक्ष विजय कुमार झा ने केन्द्रीय बजट को देश के मेहनतकश मजदूरों कर्मचारियों के हितों पर कुठाराधात् पहुंचाने वाला बजट निरूपित किया है। झा ने बताया है कि बजट से शासकीय सेवकों को अपेक्षा थी वर्श 2014 में तत्कालिन वित्त मंत्री अरूण जेटली द्वारा आयकर की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर ढाई लाख किया गया था। विगत् 7 वर्षो में इसकी सीमा नहीं बढ़ी है, इसलिए कम से कम 5 लाख तक सीमा में वृद्वि की जानी चाहिए।

अटल बिहारी बाजोपयेी सरकार द्वारा 01 नवंबर 2004 के बाद नियुक्त शासकीय सेवकों को पेंशन से वंचित किया गया है, उनके लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की जावेगी। कारोना के बहाने आर्थिक संकट का बहाना लेकर वेतनवृद्वि व मंहगाई भत्ते पर लगी रोक हटानी चाहिए थीं। देश व प्रदेश में मितव्ययिता का साधन केवल शासकीय सेवकों को बनाया जाता है, स्वयं सरकारें मितव्यिता नहीं बरतते है। केन्द्र सरकार 20 से 25 हजार करोड़ रूपये में सेट्रल विस्टा योजना के तहत साउथ ब्लाक लुटियन जोन को तोड़कर नया संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री निवास का निर्माण कर रही है।

वहीं राज्य सरकार भी नया राजभवन, मुख्यमंत्री निवास, मंत्री बंगला का निर्माण कर रही है। यदि आर्थिक संकट है तो ये राजशाही ठाठबांट की आवश्यक्ता नहीं है। इस बजट ने सार्वजनिक उपक्रमों को उद्योगपतियों के हाथों में सौपने मार्ग प्रशस्त कर दिया है। कोरोना कोल में करोड़ो लोगों ने अपनी नौकरियां गवाई है, तथा अनेक नौकरी पेशा के वेतन कटौती की गई है, उन्हें राहत देने के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है। कुल मिलाकर बजट से निराशा हुई है।

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