बढ़ती कीमतों से संघ नाराज, केन्द्र व राज्य सरकार पेट्रोल डीजल दरों में करे कमी ,अन्यथा तत्काल दें मंहगाई भत्ता

रायपुर(खबर वारियर)- छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संध ने निरंतर बढ़ते डीजल एवं पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी से शासकीय सेवक चिंतित है। केन्द्र व राज्य सरकार मंहगाई को नियंत्रित करने में असफल है। वहीं दूसरी तरफ कर्मचारियों के मंहगाई भत्ता को रोकने में सफल है। डीजल पेट्रोल की दरों में वृद्वि होने से न केवल शासकीय सेवक अपितु पूरे देश व प्रदेश की जनता को परेशानी होती है। साथ ही सुई से लेकर जहाज तक की वस्तुओं के मूल्य में वृद्वि होती है।
संध के प्रदेशाध्यक्ष विजय कुमार झा एवं जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खाॅन ने बताया है कि केन्द्र व राज्य मूल्य वृद्वि के लिए दोषी है। शासकीय सेवकों को जो मंहगाई भत्ता दिया जाता है वह मूल्य सूचकांक के आधार पर ही देय होता है। देश में बढ़ते मूल्य वृद्वि के आधार पर बनने वाले मूल्य सूचकांक आधारित मंहगाई भत्ता दिया जाता है। किंतु लगातार जीवनोपयोगी वस्तुओं के मूल्य पेट्रोलए डीजलए गैस की कीमतों में वृद्वि होने के कारण मंहगाई सुरसा के मुख की भाॅति बढ़ते जा रही है।
इसका प्रमुख कारण केन्द्र सरकार प्रति लीटर पेट्रोल पर 32 रूण् 90 पैसे तथा डीजल पर 31 रूण् उत्पाद् शुल्क वसूली रही है। उसकी प्रकार राज्य सरकार भी वेट टैक्स लेती है। यही कारण है पेट्रोल डीजल के 30 प्रतिशत् वास्तविक मूल्य का केन्द्र व राज्य सरकार 30.30 प्रतिशत् राशि वसूलते हैए इसी कारण मूल्य 90 प्रतिशत अर्थात 1ृ00 रूण् प्रति लीटर से अधिक हो जाता है। वहीं असम में चुनाव को दृष्टिगत् रखते हुए राज्य सरकार ने वोट बैंक के लिए अपना वेट टैक्स कम कर अपने मतदाताओं को लुभा रही है।
संध के प्रमुख संरक्षक पीआर यादव,सलाहकार गोलछा, शालिक सिंह ठाकुर, कार्यकारी अध्यक्ष अजय तिवारीए महामंत्री उमेश मुदलियारए संभागीय अध्यक्ष संजय शर्माए प्रांतीय सचिव विश्वनाथ ध्रुवए अमर मुदलियारए नरेश वाढ़ेरए रामचंद ताण्डीए विमल चंद्र कुण्डूए सुरेन्द्र त्रिपाठीए दिनेश मिश्राए आलोक जाधवए डाॅण् अरूंधति परिहारए सीण्एलण्दुबेए बीण्पीण्कुरीलए जेण्पीण्जायसवालए राजू गवईए आदि नेताओं ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री भूपेश बधेल से मांग की है कि वे अपने.अपने करारोपण को कम करें अन्यथा शासकीय सेवकों के रूके हुए 9 प्रतिशत् मंहगाई भत्ता जो जनवरी 2020 व जुलाई 2020 का लंबित हैए इसको तत्काल भुगतान करने का आदेश प्रसारित करें।



