महंगाई और कोरोना से जूझ रहे प्रदेश कर्मचारियों ने मांगा डी. ए., फेडरेशन ने सीएम को लिखा पत्र

नवा रायपुर(खबर वारियर)- प्रदेश में लगातार बढ़ते मंहगाई से बिगड़े बजट में संतुलन बनाने के लिए प्रदेश के शासकीय सेवकों ने महंगाई भत्ते की मांग सरकार से की है।

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा एवम् प्रमुख प्रवक्ता विजय झा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर प्रदेश के कर्मचारियों को जुलाई २०१९ का लंबित पांच प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत करने हेतु अनुरोध किया है। ज्ञात हो कि प्रदेश के शासकीय सेवक विगत 2 वर्षों से कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए दिन-रात सरकार के साथ कंधे से कंधा मिला कर परिश्रम कर रहे है।प्रदेश के कई शासकीय सेवकों की मौत इस महामारी से हो चुकी है।

वर्मा ने बताया कि विगत दो वर्षों से मंहगाई दरों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। वर्तमान में पेट्रोल, डीजल की कीमतें आसमान छू रहे है। इसके साथ ही खाद्य पदार्थों एवम् अन्य आवश्यक दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।वैश्विक महामारी कोरोना ने प्रदेश के अधिकतर कर्मचारियों को मोहरा बनाया है। कई शासकीय सेवक स्वयं एवम् परिजनों के इलाज कराते हुए आर्थिक बोझ से लद कर कर्ज में डूब चुके है।प्रदेश के शासकीय सेवकों की माली स्थिति दयनीय हो चुकी है। शासकीय सेवकों को अपने परिवार के भरण पोषण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

फेडरेशन ने मांग की है कि जिस तरह सरकार अन्य वर्गों के लिए संवेदनशीलता दिखा रही है, उसी तरह प्रदेश के विकास के आधार स्तंभ शासकीय सेवकों के बारे में भी अवश्य चिंता करना चाहिए।प्रदेश सरकार के जनप्रतिनिधियों ने अनेकों बार सार्वजनिक मंच से वर्ष 2019 किसानों के लिए एवम् वर्ष 2020 कर्मचारियों के लिए होगा, ऐसा ऐलान कर चुके है।प्रदेश के कर्मचारियों को विगत दो वर्षों से मंहगाई भत्ते का किस्त नहीं मिलने से काफी निराशा छाई हुई है। प्रदेश के कर्मचारी वर्तमान स्थिति को भलीभांति समझते हुए सरकार से कोरोना काल के पूर्व जुलाई 2019 के लंबित पांच प्रतिशत मंहगाई भत्ता स्वीकृति करने की मांग दोहराई है।

फेडरेशन से सम्बद्ध संगठनों के प्रांताध्यक्ष आर के रिछारिया,राजेश चटर्जी,सतीश मिश्रा, डॉ लक्ष्मण भारती, चंद्रशेखर तिवारी,मूलचंद शर्मा,ओंकार सिंह,बीपी शर्मा,संजय सिंह,डी एस भारद्वाज,पंकज पाण्डेय, विंदेश्वर रौतिया,प्रशांत दुबे,एन एच खान,आर एन ध्रुव, शशिकांत गौतम,डॉ अशोक प्रधान,संजीव सिरमौर,अश्वनी वर्मा,दिनेश रायकवार,राकेश शर्मा,राकेश सिंह,रवि गढ़पाले, टारजन गुप्ता,हरि मोहन सिंह, रामसागर कोशले,शंकर वराठे, देवलाल भारती,रंजना ठाकुर,सत्यदेव वर्मा आदि ने इस मांग का समर्थन किया है।