छत्तीसगढ़

गामीणों के विरोध के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़गांव से आर.एच.ओ.एफ. को हटाने का आदेश हुआ निरस्त

कांकेर-(ख़बर वारियर) ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टिकी होती है और वहां पदस्थ स्वास्थय कर्मियों से ग्रामीणों का सीधा संपर्क भी होता है। किसी की सेवा भाव से लोग इतने प्रभावित हो जाते हैं या उनके सेवा भाव का असर लोगों पर इतना हो जाता है कि वे उनको अपने से दूर जाने नहीं देना चाहते ।
ऐसा ही वाकया उत्तर बस्तर कांकेर के कोयलीबेड़ा ब्लॉक के प्रा.स्वा.केंद्र बड़गांव में सामने आया है।और यह तब हुआ जब वर्तमान में प्रा.स्वा.केंद्र बड़गांव में कार्यरत आर.एच.ओ.एफ. अनिला उइके को हाल ही में उनके मूल पदस्थापना स्थल उप स्वास्थ्य केंद्र मण्डगांव में जाकर कार्य करने का आदेश खंड चिकित्सा अधिकारी कोयलीबेड़ा द्वारा दिया गया था।

उक्त आदेश का ग्राम पंचायत बड़गांव के उपसरपंच के नेतृत्व में स्थानीय जन प्रतिनिधियों व ग्रमीणों ने खुलकर विरोध जताते हुए खण्ड चिकित्सा अधिकारी दिलीप सिन्हा व स्थानीय विधायक अनूप नाग को ज्ञापन सौंप कर स्थानांतरण आदेश को रद्द करते हुए आर.एच.ओ.एफ. की सेवा को यथावत रखने की मांग करते हुए व्यवस्था पूर्ववत रखने का निवेदन किया था।

पूरे प्रकरण में विधायक के हस्तक्षेप के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों  की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए तथा स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने खंड चिकित्सा अधिकारी ने पूर्व में जारी हुए स्थानांतरण आदेश को रद्द कर  दिया है।

प्रा.स्वा.केंद्र बड़गांव की व्यवस्था को यथावत बनाए रखने के आदेश का स्वागत करते हुए उप सरपंच कर्ण सिंह के सांथ दुर्गा पाल,सोमजी कोमरा, छोटानन्द उइके, गावड़े,नरेंद्र व जनिहा लाल ने स्थानीय विधायक अनूप नाग व खण्ड चिकित्सा अधिकारी दिलीप सिन्हा का आभार व्यक्त किया है।

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