संघ की मांग पर जल संसाधन विभाग के 42 लिपिकों को मिली पदोन्नति

अनेक विभागों में अभी भी पदोन्नति से कर्मचारी हैं वंचित,भेदभाव से बढ़ी नाराजगी

रायपुर(khabar warrior)- छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ की पहल व मांग पर जल संसाधन विभाग में लिपिकों की लंबित पदोन्नति के संबंध में संघ प्रतिनिधि मण्डल मुख्य अभियंता कार्यालय में मांगपत्र सौपकर वर्षो से लंबित पदोन्नति समिति की बैठक आहूत कर पात्र लिपिकों को पदोन्नति का लाभ देने की मांग की थीं। संघ की मांग पर प्रमुख अभियंता जल संसाधन विभाग छत्तीसगढ़ ने 42 सहायक ग्रेड-3 के पद से सहायक ग्रेड-2 के पद पदोन्नति आदेश जारी कर दिया गया है।

संघ ने सामान्य प्रशाासन विभाग के स्थाई निर्देश का पालन न करने के कारण अभी भी अनेक विभागों में पदोन्नति हेतु वरिष्ठता सूची का प्रकाशन न करने, विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक न करने के कारण हजारों कर्मचारियों को पदोन्नति से वंचित होना पड़ रहा है। इसी कारण बिना पदोन्नति का लाभ प्राप्त किए प्रदेश में अनेक कर्मचारी दिवंगत व सेवा निवृत्त होने मजबूर है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ प्रांताध्यक्षा विजय कुमार झा एवं जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खाॅन ने बताया है कि प्रदेश में विभिन्न विभागों में उच्च न्यायालय में पदोन्नति प्रकरणों के लंबित होने की बहाने बाजी कर अधिकारी विगत् 2-3 वर्षो से तृतीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों को पदोन्नति से वंचित रखे हुए थे।

संघ का प्रतिनिधि मण्डल मुख्य अभियंता से इस हेतु पहले करते हुए मांग पत्र सौपा था जिसके परिप्रेक्ष्य में प्रदेश के विभिन्न जिलों के जल संसाधन विभाग के 42 सहायक ग्रेड-3 को न केवल पदोन्नति मिली है, अपितु यथा संभव कोविड-19 के परिप्रेक्ष्य में उसी जिले व कार्यालय में पदोन्नति उपरांत पदस्थापना भी प्राप्त हुई है।

आज जारी पदोन्नति आदेश के लिए संघ ने जल संसाधन मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री रविन्द्र चैबे, प्रमुख अभियंता जल संसाधान विभाग छग. के प्रति आभार व्यक्त किया है। किंतु इसके अतिरिक्त सबसे बड़े विभाग शिक्षा विभाग में प्राचार्य के रिक्त पदों पर प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला स्नातकोत्तर एवं प्रशिक्षित (ई) (टी) संवर्ग की अंतिम वरिष्ठता सूची संयुक्त रूप से प्रकाशित न होने से हजारों शिक्षक पदोन्नति से वंचित है।

इसी प्रकार आयुक्त आदिवासी विकास विभाग में लेखापाल से कनिष्ठ लेखाधिकारी के पद पर, आई.टी.आई. के प्राचार्य वर्ग-2 के पद पर पदोन्नति हेतु विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक छग. लोक सेवा आयोग के अड़गेबाजी के कारण विगत् 01 माह से लंबित है। प्रदेश के अनेक विभागों में चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी के पद पर विभाग में स्वीकृत पद के 25 प्रतिशत् पदों पर पदोन्नति के लाभ से प्रदेश के सबसे अल्प वेतनभोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पदोन्नति से वंचित है।

जिनमें प्रमुख्,ा रूप से प्रदेश के बड़े स्थापना वाले आदिवासी विभाग विभाग, शिक्षा स्वास्थ, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग, राजस्व विभाग में पटवारी से राजस्व निरीक्षक, राजस्व निरीक्षक से नायब तहसीलदार, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख जैसे पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही बाधित है।

संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष अजय तिवारी, महामंत्री उमेश मुदलियार, संभागीय अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रांतीय सचिव नरेश वाढ़ेर, रामचंद्र ताण्डी, प्रांतीय कोषाध्यक्ष रविराज पिल्ले, राजू मुदलियार, सुंदर यादव, सुरेन्द्र त्रिपाठी, विमल चंद्र कुण्डू, आलोक जाधव, दिनेश मिश्रा, आदि ने जलसंसाधन विभाग में जारी पदोन्नति आदेश का स्वागत् करते हुए प्रदेश में अधिकारियों का 5-7 वर्ष में पदोन्नति हो जाने व तृतीय चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का 10-15 वर्षो में पदोन्नति का लाभ न मिलने से नाराज कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री भूपेश बधेल की भावना के अनुकूल छत्तीसगढ़ के विकास के संवाहक कर्मचारियों को उनके पदोन्नति के संवैधानिक अधिकार से वंचित न करने की मांग की है।