सिंहदेव की नाराजगी के बाद स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय ने नर्सिंग परीक्षाओं की तिथि की घोषित

रायपुर(khabar warrior)- लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और शासकीय मेडिकल कॉलेजों के डीन एवं अधीक्षकों के साथ सभी मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने नर्सिंग के विभिन्न पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए इनकी परीक्षाएं जल्द से जल्द संपन्न कराने के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय द्वारा नर्सिंग के सभी पाठ्यक्रमों की परीक्षा तिथि आज शाम ही घोषित कर दी गई है।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला और सचिव शहला निगार भी समीक्षा बैठक में मौजूद थीं।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री सिंहदेव ने मंत्रालय में आयोजित बैठक में सभी मेडिकल कॉलेजों की अधोसंरचना, भवन की स्थिति, प्राध्यापकों एवं अन्य स्टॉफ की उपलब्धता, अध्यापन एवं इलाज की व्यवस्था, मेडिकल उपकरणों, दवाईयों एवं कन्ज्युमेबल्स की आपूर्ति की समीक्षा की। बैठक में इस बात पर सहमति जताई गई कि रायपुर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में एंडवास्ड कार्डिएक इंस्टीट्यूट (एसीआई), रेडियोलॉजी तथा ऑंकोलॉजी विभाग की सुपरस्पेशियालिटी सेवाओं में दवाईयों एवं कन्ज्युमेबल्स की उपलब्धता में दिक्कत को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीएमडीएफ से छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (सीजीएमएससी) को इनकी आपूर्ति के लिए 37 करोड़ रूपए दिए जाएंगे।

स्वास्थ्य मंत्री ने सभी मेडिकल कॉलेजों में इलाज के लिए आने वाले ऐसे मरीज जिनके पास आयुष्मान कॉर्ड नहीं हैं, उनके तत्काल आयुष्मान कॉर्ड बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना और आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निर्धारित पैकेज बुक कर मरीजों का उपचार करने कहा।

सिंहदेव ने सभी अस्पतालों में समय पर दवाईयों एवं कन्ज्युमेबल्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने सीजीएमएससी को दवा निर्माता और आपूर्तिकर्ता कंपनियों के साथ जल्द से जल्द दर अनुबंध करने कहा। उन्होंने इसके लिए यथाशीघ्र निविदा जारी कर सभी जरूरी दवाईयों के लिए दर अनुबंध करने के निर्देश दिए। बैठक में इस बात पर सहमति जताई गई कि अब मेडिकल कॉलेजों के डीन दवाओं की आपूर्ति के लिए सीधे सीजीएमएससी को इन्डेंट (Indent) भेज सकेंगे।

सिंहदेव ने राजनांदगांव, रायगढ़ और बिलासपुर मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में भवन निर्माण की पूर्णता को देखते हुए चिकित्सीय सेवाओं को नई जगहों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अनिवार्य ग्रामीण सेवा बॉंड के तहत पदभार ग्रहण नहीं करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।

स्वास्थ्य मंत्री को बैठक में एसीआई रायपुर के विशेषज्ञों डॉ. स्मित श्रीवास्तव और डॉ. के.के. साहू ने मानव संसाधन और उपकरणों की जरूरत के बारे में अवगत कराया।सिंहदेव ने सभी मेडिकल कॉलेजों में स्टॉफ और मेडिकल उपकरणों की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन सभी अस्पतालों में रिक्त पदों की भर्ती के लिए वित्त विभाग से अनुमति लेने की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़, चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉ. आर.के. सिंह, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक कार्तिकेय गोयल तथा सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों के डीन और अधीक्षक भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।