पैडी ट्रांसप्लाॅटर मशीन से धान रोपाई के लिए बढ़ रहा है किसानों का रूझान

किसानों को साढे सात हजार रूपये प्रति हेक्टेयर का दिया जाता है अनुदान

रायपुर(khabar warrior)- छत्तीसगढ़ राज्य के अधिकतर क्षेत्र में वर्तमान में छिटका (बाड कास्टिंग) पद्धति के माध्यम से धान की बुआई की जाती है। इस परंपंगत् पद्व्रति में जहां बीज का खपत ज्यादा होती है वहीं निदाई, गुड़ाई, कटाई आदि में कठिनाई होती है। कृषि कार्य हेतु श्रमिकों की लगातार हो रही कमी को देखते हुए किसानों का रूझान अब पैडी ट्रांसप्लाॅटर मशीन से धान की रोपाई के प्रति बढ़ रहा है।

कृषि विभाग के संचालक यशवंत कुमार ने बताया कि राज्य शासन के कृषि विभाग द्वारा किसानों को पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान रोपाई के लिए प्रोत्साहित करने का कार्य किया जा रहा है। इस आधुनिक पद्वति से धान रोपाई के लिए पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के सभी क्षेत्रों के सभी वर्ग के किसानों को प्रति हेक्टेयर की दर से साढे सात हजार रूपये का अनुदान प्रदाय किया जाता है।

अपर संचालक कृषि अभियांत्रिकी जी.के. पीड़िया ने बताया कि पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान की रोपाई के लिए क्लस्टर के रूप में कृषकों का चयन किया जाता है। एक क्लस्टर न्यूनतम 4 हेक्टेयर का होना चाहिए। एक किसान को अधिकतम 2 हेक्टेयर सीमा तक अनुदान की पात्रता रहेगी।

रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड के गनियारी के किसान मेधनी वर्मा अपने खेत में पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन के माध्यम से रोपाई करवा रही है। इसके लिए उन्होंने अपने खेत में करीब 15 दिन पहले नर्सरी तैयार करवाया है। इसी तरह रायपुर जिले के साथ-साथ संभाग के सभी जिलों तथा दुर्ग संभाग के कबीरधाम, राजनांदगांव आदि में भी किसान लाभांवित हो रहे है।

योजना से लाभांवित होने तथा योजना की जानकारी प्राप्त करने संभागीय कृषि यंत्री कार्यालय अथवा जिलों के उप संचालक कृषि कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। योजना का उद्देश्य राज्य में उन्नत तकनीक से धान रोपाई को प्रोत्साहित करना तथा रोपाई के रकबे में वृद्धि करना है। इससे जहां धान उत्पादन में वृद्धि होगी वहीं कृषि श्रमिकों की समस्या से निदान होगा और बीज की बचत होने के साथ निंदाई, गुड़ाई, कटाई आदि में सुगमता होगी।