Medical Education: कोरबा मेडिकल कालेज में 100 डाक्टरों की टीम मेडिकल छात्रों को कराएगी डॉक्टरी की पढ़ाई

बिलासपुर(खबर वारियर)- मेडिकल कालेज कोरबा में अगले वर्ष से पहले बैच के लिए मेडिकल छात्रों को प्रवेश मिल सकेगा। कुल 100 छात्रों का बैच आगामी सत्र में कोरबा से डाक्टरी की पढ़ाई कर सकेंगे। उनके लिए विशेषज्ञ समेत 100 चिकित्सकों का स्टाफ नियुक्त होगा। कालेज संचालन की अनुमति के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से अगले दो दिनाें में एक आवेदन नेशनल मेडिकल कमीशन दिल्ली भेजा जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि दो माह के भीतर कमीशन की एक टीम कोरबा आकर निरीक्षण करेगी, जिसके बाद कालेज को मान्यता मिल सकेगी।
एक दिन पहले ही चिकित्सा शिक्षा विभाग छत्तीसगढ के डायरेक्टर की उपस्थिति में कोरबा मेडिकल कालेज के अधिष्ठाता डा वायडी बडगैंया ने प्रभार ग्रहण किया है। इसके बाद उन्होंने मेडिकल कालेज संचालन के लिए चिन्हित आइटी भवन पहुंचकर वहां उपलब्ध सुविधाओं, अधोसंरचनाओं और आवंटित भूमि का भी जायजा लिया। डा बडगैंया ने कहा कि पूरा प्रयास रहेगा, कोरबा मेडिकल कालेज जल्द से जल्द प्रारंभ हो जाए। उन्होंने बताया कि कालेज संचालन की अनुमति के लिए पूर्व में दिल्ली भेजा गया पुराना आवेदन रद्द हो गया है।
नहीं की जाएगी अंतिम तिथि की प्रतीक्षा
पूर्व में नेशनल मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया से अनुमति लेनी होती थी, जो भंग हो गई है। उसके स्थान पर दो माह पहले ही नेशनल मेडिकल कमीशन बना है, जिसके बाद फिर से आवेदन भेजने कहा गया है। आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवंबर है, जिसे ध्यान में रखते हुए अगले दो से तीन दिन में अनुमति के लिए यह आवेदन भेज दिया जाएगा। अंतिम तिथि की प्रतीक्षा नहीं की जाएगी। आवेदन के बाद बाकी की तैयारी शुरू की जाएगी। इसके बाद कमीशन से दो अधिकारी निरीक्षण के लिए कोरबा भेजे जाएंगे। टाइम चार्टर जारी होगा, जिसमें अगले दो माह के भीतर निरीक्षण होने की संभावना व्यक्त की जा रही। दिल्ली के अधिकारियों के निरीक्षण के बाद अनुमति जारी हो जाएगी।
25 एकड़ आवंटित, दो साल में बनेगा भवन
शुरू में आइटी कालेज भवन में ही मेडिकल कालेज शुरू होगा। इससे लगी 25 एकड भूमि पर मेडिकल कालेज का भवन निर्माण किया जाएगा। उस जमीन भवन निर्माण का कार्य चलता रहेगा और आइटी कालेज भवन में कक्षाएं लगती रहेंगी। करीब ही स्थल होने से बाद में मेडिकल कालेज को आइटी से शिफ्ट कर अपने भवन में ले जाने में सुविधा होगी। डा बडगैंया ने बताया कि उपलब्ध सुविधाओं में आवश्यकता के अनुरूप काफी संसाधन हैं। आइटी कालेज भवन, हास्टल एवं कर्मचारी आवास का निरीक्षण किया गया। स्टाफ के आवास के लिए भवन की कमी है, जिसे दूर करने कलेक्टर किरण कौशल ने आश्वस्थ किया है।
50 विशेषज्ञ, एक सप्ताह में शुरू होगी नियुक्ति
मेडिकल कालेज के संचालन के लिए 100 डाक्टरों की जरूरत होगी, वर्तमान में यहां 43 डाक्टर उपलब्ध हैं, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग से ले लिया जाएगा। इसके अलावा चिकित्सा संबंधी विषयों के अनुरूप विशेषज्ञ चिकित्सकों की जरूरत होगी, जिनकी नियुक्ति की जाएगी। इस तरह कालेज में चिकित्सा विभाग के विभिन्न विषय पढाने प्रोफेसरों, रीडर समेत अकादमिक स्टाफ के रूप में 50 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी। इन सभी की नियुक्ति की प्रक्रिया भी अगले एक सप्ताह में शुरू कर दिए जाने की बात कही जा रही। मुख्य संकाय में पूर्ण और शेष विषयों के लिए भी प्राध्यापकों की नियुक्ति की जाएगी।
230 करोड़ खर्च होंगे, 50 करोड़ मिले
डा बडगैंया ने बताया कि 40 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार से मिलती है और शेष 60 प्रतिशत भाग राज्य शासन से वहन किया जाता है। कोरबा मेडिकल कालेज की योजना को धरातल पर लाने 230 करोड की लागत खर्च होने का स्टीमेट बनाया गया है। इसमें से केंद्र शासन की ओर से वहन होने वाले 40 प्रतिशत भाग की पहली किश्त के रूप में मेडिकल कालेज को 50 करोड रुपये मिल चुके हैं। राशि मिलने की अच्छी खबर के साथ कोरबा में मेडिकल की शिक्षा जल्द से जल्द शुरू कराने की कवायद तेजी से की जा रही है। सबसे पहली कवायद आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करने की है।



