प्रदेश भर के स्कूल सफाई कर्मचारी गांधी जयंती को जिलों से दाण्डी यात्रा निकालकर मुख्यमंत्री निवास का करेंगे घेराव

रायपुर (खबर वारियर) छत्तीसगढ़ राज्य में विधान सभा चुनाव के पूर्व प्रदेश के शासकीय शालाओं में स्कूल सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत् अल्प वेतनभोगी कर्मचारियों को जनधोषणा पत्र में नियमितिकरण करने का वादा किया गया था। आशाओं के भंवरजांल में फंसकर लगभग 47 हजार स्कूल सफाई कर्मचारियों ने सत्ता परिवर्तन का बीड़ा उठाया और उसमें सफल भी रहे। किंतु राज्य सरकार 03 वर्ष के कार्यकाल पूर्ण करने की ओर अग्रसर है, नियमितिकरण तो दूर अंशकालिक धोषित करने में भी कोरोना, लाॅकडाउन, आर्थिक संकट आदि का बहाना बनाकर राज्य सरकार उनकी मांगों की उपेक्षा कर रही है। अंततोगत्वा रविवार 12 सितंबर को रायपुर राजधानी में संजय नगर सब्जी बाजार स्थित सतनाम भवन में प्रांतीय बैठक आहूत कर 02 सितंबर गांधी जयंती को जिला व संभाग से दाण्डीयात्रा कर राजधानी में हजारों स्कूल सफाई कर्मचारी एकत्र होकर मुख्यमंत्री निवास का धेराव कर उन्हें वादा याद दिलाने का निर्णय लिए है।

प्रदेश स्कूल सफाई कर्मचारी संध के प्रांताध्यक्ष संतोष खाण्डेकर व संरक्षक प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संध के प्रांताध्यक्ष विजय कुमार झा ने बताया है कि प्रदेश के स्कूल सफाई कर्मचारी सत्ता परिवर्तन के बाद अपने नियमितिकरण के सपने देख रहे थे। जो सपना आज तक पूरा नहीं हो सका।

प्रदेश के स्कूल सफाई कर्मचारी स्कूलों में 2 धण्टे काम के नाम पर स्कूलों में नियुक्ति की जाकर उन्हें प्रतिमाह मानदेय वेतन मात्र 2000/-व 2200/-रू. अंशकालिक दर पर भुगतान किया जाता है। इससे परिवार के भरण पोषण में अत्यंत कठिनाई के कारण अन्य कोई रोजी-मजूरी करने के लिए बाध्य है।

राज्य सरकार के वादा खिलाफी से प्रदेश के लगभग 47 स्कूल सफाई कर्मचारी जो पूर्णतः आरक्षित वर्ग के है उनमें व्यापक आंक्रोष व्याप्त है। स्कूलों के प्राचार्य उनसे दिन भर काम करा लेते है। आदेश में मात्र 2 धण्टे का अंशकालिक नियुक्ति बताया जाता है। इस पीड़ा से जन प्रतिनिधियों को अवगत् कराने का निर्णय लिया जाकर, प्रदेश के वरिष्ठ मंत्रियों से संध प्रतिनिधि मण्डल भेंट कर उनसे वादे को याद दिलाने का कार्य कर रहे है।

इसी कड़ी में राजधानी में शिव डहरिया, मंत्री स्थानीय शासन, श्रम तथा  अमरजीत सिंह भगत् खाद्य, संस्कृति मंत्री से भेंटकर वादा को स्मरण कराया जाकर निवेदन किया गया कि नियमितिकरण न सही कम से कम 2 धण्टे की सेवा के बजाय पूर्णकालिक धोषित् कर अन्य कर्मचारियों की भांति श्रम कानून के तहत 8 धण्टे काम लिया जाकर 2000 व 2200/-रू. माानदेय के स्थान पर 10,000/-रू. मानदेय देने की मांग को प्रमुखता से प्रस्तुत कर रहे है।

राजधानी में आयोजित प्रांतीय बैठक में प्रमुख रूप से परदेश पलांगे अध्यक्ष जांजगीर, अंकताशुभ खातून, महिला प्रभारी जशपुर, प्रदेश उपाध्यक्ष छाया साहू, कोषाध्यक्ष भूनेश्वर भास्कर अध्यक्ष मुंगेली, सचिव भीम कुमार पटेला, संध मिडिया प्रभारी प्रदीप वर्मा, मालिक राम गायकवाड़, अध्यक्ष धमतरी, संतोष नवरंग अध्यक्ष बिलासपुर, राजेश भारद्वाज अध्यक्ष रायगढ़, आदि ने पूर्ण कालिक धोषित् करने, कारोना बीमा राशि भुगतान करने, की मांग की ओर मुख्यमंत्री  भूपेश बधेल का ध्यान आकृष्ट करने गांधीवादी तरीके से पदयात्रा व मुख्यमंत्री निवास धेराव में 02 अक्टॅूबर गांधी जयंती को अधिकाधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।