हिन्दी दिवस के अवसर पर स्वरूपानंद महाविद्यालय में हुए अनेक आयोजन

दुर्ग (खबर वारियर) हिन्दी दिवस के अवसर पर स्वरूपानंद महाविद्यालय भिलाई में हिन्दी विभाग द्वारा हिन्दी वर्णमाला प्रतियोगिता, चित्रकला, प्रश्नोत्तर व परिचर्चा का आयोजन किया गया।
‘‘हिन्दी वर्णमाला लेखन चित्रकला प्रतियोगिता’’ हिन्दी के विकास के लिये क्या प्रयास किया जाना चाहिए विषय पर परिचर्चा एवं हिन्दी प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुये डॉ सुनीता वर्मा विभागाध्यक्ष ने कहा कि इक्कीसवीं सदी में हिन्दी का भविष्य उज्ज्वल है क्योंकि हम जैसे-जैसे दुनिया के आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहे है हमारी हिन्दी की कद भी बढ़ती जा रहा है।

माइक्रोसॉफ्ट हिन्दी में बाजार का विस्तार कर रही है गूगल जैसी सर्च इंजन भी हिन्दी को अपना रहा है,आज हिन्दी में ट्वीटर एवं ब्लाग लिखे जा रहे है।

महाविद्यालय के सीओओ डॉ दीपक शर्मा ने हिन्दी दिवस की बधाई देते हुये कहा हिन्दी को हृदय की भाषा के रूप में विकसित किया जाना आवश्यक है, अगर हिन्दी का प्रौद्योगिकी व तकनीकी भाषा के रूप में विकसित नही करेगे वो इससे युवा पीढ़ी व नई पीढ़ी नही जुड़ पायेंगे।इसके लिये रोजगार मूलक पाठ्यक्रम तैयार करने की आवश्यककता है क्योंकि हम आज भी हिन्दी पढकर डॉक्टर, इंजिनियर नही बन सकते।

प्राचार्य डॉ हंसा शुक्ला ने कार्यक्रम आयोजन के लिये हिन्दी विभाग को बधाई देते हुये कहा देश-विदेश में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र पत्रिकाओं के आनलाईन संस्करण पोर्टल, ब्लाग,आदि के कारण रोजगार के अवसर बढ़े है। तकनीकी रूप से भी हिन्दी बहुत सक्षम हो रही है।

हिन्दी के विकास की संभावना विषय पर परिचर्चा का अयोजन किया गया जिस पर अपने विचार व्यक्त करते हये सेजल बी कॉम की छात्रा ने कहा बाईसवी सदी तक हिन्दी को अनिवार्य भाषा के रूप में पढ़ाया जाना चाहिये। पल्लवी ठाकुर बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा ने बताया हम हिन्दी में सोचते है हिन्दी में ही अपने भाव व विचार को व्यक्त कर सकते है अगर उच्च शिक्षा में हिन्दी को अनिवार्य कर दिया जाये तो इसका विकास तेजी से होगा।

शौर्य व तान्या ने तकनीकी शिक्षा में हिन्दी को अपनाने की बात कही। विद्यार्थियों के लिये प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों को हिन्दी भाषा के विकास हिन्दी दिवस मनाने का कारण व हिन्दी वर्णमाला व देवनागरी लिपी से संबंधित प्रश्न पूछे गये जिसमें विद्यार्थियो की जागरूकता हिन्दी के प्रति उनके लगाव को दर्शाता है।

इस अवसर पर अर्न्तमहाविद्यालयीन वर्णमाला लेखन चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियो ने अपनी कल्पना के चित्र उकेरे व वर्णमाला को कलात्मक ढंग से आकार दिया।विजयी प्रतिभागियो को पुरस्कृत किया गया।