फेडरेशन के सम्मान समारोह में महँगाई भत्ता की घोषणा नहीं होने से कर्मचारी निराश,अब मंत्रालय कर्मचारी संघ आज आम सभा से करेगा महँगाई भत्ता की लड़ाई का शंखनाद

नवा रायपुर (खबर वारियर) इंद्रावती भवन में कर्मचारी फेडरेशन द्वारा बड़ी जुगत से प्रदेश के कर्मचारियों को इकट्ठा इस आशय से किया गया था कि मुख्यमंत्री से महँगाई भत्ते की एकाध किश्त की घोषणा करवाकर कर्मचारियों के आक्रोश को ठंडा कर दिया जाये। लेकिन पुरानी पेंशन बहाली को लेकर मुख्यमंत्री के सम्मान समारोह में ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई, बल्कि केवल आश्वासन हाथ लगने से कर्मचारी अधिकारी मुख्यमंत्री के मंच पर रहते हुए भी सभा स्थल से लौटने लगे।
छत्तीसगढ़ मंत्रालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह राजपूत ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि केन्द्र के समान 34 प्रतिशत महँगाई भत्ता और सातवें वेतनमान अनुसार गृह भाड़ा भत्ता प्राप्त करने की लड़ाई पूर्व प्रस्तावित योजनानुसार ही जारी रहेगी। इसके लिए मंगलवार 5 अप्रैल को मंत्रालय संघ की आमसभा मंत्रालय परिसर में बुलाई गई है।

राजपूत ने बताया कि प्रदेश के कर्मचारियों का जनवरी 2020 से महँगाई भत्ता बकाया रहने से शासन के पास कर्मचारियों का 3500 करोड़ रुपया लंबित है। वर्ष 2016 से गृह भाड़ा भत्ता पुनरीक्षित नही हुआ है, इससे भी शासन कर्मचारियों का सैकड़ों करोड़ रुपया दबाकर बैठा है। अब कर्मचारियों के सब्र का बांध टूट रहा है, आश्वासनों का खेल अब बंद होना चाहिए।
मुख्य सचिव को सौंपे अल्टीमेटम अनुसार, मंत्रालय के कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश के फॉर्म भरना शुरु कर दिया है।
कल 5 अप्रैल को संघ की आमसभा है। यदि सरकार तत्काल निर्णय नहीं लेती है तो 13 अप्रैल को मंत्रालय में तालाबंदी होना निश्चित है। इसके लिए कर्मचारियों ने कमर कस ली है।



