एग्रीकल्चरछत्तीसगढ़

धान खरीदी 2025-26 का नया नियम

बिना एग्रीस्टेक पंजीयन नहीं बिकेगा धान, न PM किसान सम्मान निधि, न फसल बीमा मिलेगा

दुर्ग –  कलेक्टर  अभिजीत सिंह ने  1 सितम्बर को  पीडब्ल्यूडी के सभाकक्ष में एग्रीस्टेक एवं बकेट क्लेम में किसानों के पंजीयन के संबंध में सभी अनुविभागीय अधिकारियों, कृषि विभाग, सहकारिता निरीक्षक, कृषि विस्तार अधिकारी, अधीक्षक भू-अभिलेख, सहायक अधीक्षक एवं सभी समिति प्रबंधकों की समीक्षा बैठक ली।

कलेक्टर ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। सहखातेदार सभी का पंजीयन होना चाहिए। बकेट क्लेम में किसानों के पंजीयन लंबित है जिसके लिए कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की।

कलेक्टर सिंह ने ये स्पष्ट निर्देश दिये हैं :

1. संस्थागत छूट खत्म
पिछले साल तक बड़ी संस्थाओं / ट्रस्ट / कंपनियों के नाम पर जमीन वाले किसानों को एग्रीस्टैक में छूट मिलती थी, इस साल *वो छूट पूरी तरह समाप्त* कर दी गई है। सबका पंजीयन अनिवार्य।

2. बिना एग्रीस्टैक + बकेट क्लेम के धान नहीं बिकेगा
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बैठक में कहा – इस साल दो चीजें अनिवार्य हैं:
– एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन
– एग्रीस्टैक पर Farmer ID और बकेट क्लेम

बकेट क्लेम = जहाँ एक खसरे में 2-3 सह-खातेदार (भाई, पिता-पुत्र) हैं, वहाँ हर हिस्सेदार को OTP से सहमति देकर अपना हिस्सा क्लेम करना होगा। नहीं किया तो धान बिक्री से वंचित।

3. कलेक्टर के सख्त निर्देश:

– 100% किसानों का पंजीयन करना है
– गांव-गांव में *विशेष शिविर* लगाकर मौके पर ही OTP सत्यापन और पंजीयन पूरा किया जाएगा
– समिति प्रबंधक, पटवारी, RAEO सबकी जवाबदारी तय।

गुरुदेव क़ृषि केंद्र
Gurudev krishi kendra

आपको क्या करना है:

1. आधार, B-1 खतौनी, ऋण पुस्तिका, आधार-लिंक मोबाइल लेकर अपनी सहकारी समिति या लोक सेवा केंद्र (CSC) जाएं
2. एग्रीस्टैक पर 11 अंकों की Farmer ID बनवाएं
3. अगर जमीन संयुक्त खाते में है तो सभी सह-खातेदारों का बकेट क्लेम करवाएं।

4. मदद के लिए टोल फ्री: 1800-233-1030 (एग्रीस्टैक) और 1800-233-3663 (खाद्य विभाग)

बिना इसके न तो धान बिकेगा, न PM किसान सम्मान निधि, न फसल बीमा मिलेगा।

 

Related Articles

Back to top button