जुर्मशहर

कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 5 कला साधकों को दिया गया भुइयां सम्मान

भिलाई नगर — युवा कुर्मी मित्र मंडल भिलाई के गौरवमयी आयोजनों में से एक भुइयां सम्मान प्रति वर्ष के अनुसार इस वर्ष भी स्वाधीनता दिवस 15 अगस्त के संध्या बेला में कुर्मी भवन सेक्टर -7 भिलाई नगर में किया गया ।यह 20 वां भुइयां सम्मान है जिसके तहत अभी तक 115 लोक कलाकारों को सम्मानित किया जा चूका है।

समारोह के मुख्य अतिथि विजय बघेल, सांसद दुर्ग एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश कुर्मी क्षत्रिय समाज, अतिविशिष्ट सुश्री मोना सेन-अध्यक्ष फिल्म विकास निगम एवं डॉ सुरेश देशमुख, चंदैनी गोंदा के प्रथम उद्घोषक, अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष अजय चंद्राकर , ने की।

कार्यक्रम की शुरुआत पूजा अर्चना के बाद राजकीय गीत अरपा पैरी के धार, से किया गया। संस्था के अध्यक्ष अजय चंद्राकर ने स्वागत भाषण दिया । 20वां भुइयां सम्मान की पत्रिका तथा छपने वाले वैवाहिक पत्रिका मिलन अंक 23 के लिए युवक युवती का परिचय प्रपत्र का विमोचन भी किया गया ।

अतिथि उद्बोधन में मुख्य अतिथि विजय बघेल ने छत्तीसगढ़ के कलाकारों की आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उनके दशा और दिशा में सुधार पर जोर दिया तथा संस्था के द्वारा कलाकारों का सम्मान एक अच्छा कदम बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की, वही विशिष्ट अतिथि मोना सेन , ने छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम एवं उनके लिए आगामी योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

डॉ. सुरेश देशमुख ने उन दिनों के सांस्कृतिक संस्था चंदैनी गोंदा का उद्देश्य उनके रंगमंच के कार्य करने की शैली के बारे में, साथ ही आयोजन टीम कुर्मी समाज होते हुए भी दूसरे सभी समाज के कलाकारों का सम्मान करने की जोरदार सराहना की।

 समारोह में छत्तीसगढ़ के ख्याति प्राप्त 5 लोककला साधकों को भुइयां सम्मान से सम्मानित किया गया । जिसमें
सीताराम – गीतकार,(पैरी, बालोद),

भीखम धर्माकर – वरिष्ठ गायक (दुर्ग ),

 शैलजा ठाकुर , नृत्य निर्देशक (कोरबा),

 दुष्यंत हरमुख , गीतकार (भिलाई),

 मीना साहू , पंडवानी गायिका (रनचिरई, गुण्डरदेही)।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक संस्था रंग झरोखा की प्रस्तुति दुष्यंत हरमुख, रिंकी देवांगन, योगिता मढ़रिया की टीम के साथ ही छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध लोक गायिका रजनी रजक , विनिता ढीमर, रमा दत्त जोशी बहनें , सुप्रसिद्ध भरथरी गायिका रेखा जलक्षत्री, सावित्री कहार,एवं सम्मानित होने वाले कलाकारों में पंडवानी गायिका मीना साहू एवं उनकी टीम ने प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया ।

कार्यक्रम का संचालन संस्था के महासचिव योगेन्द्र वर्मा, डॉ.राजेन्द्र हरमुख ने किया । परिचय वाचन डॉ कुसुमांजलि देशमुख, डॉ आरती वर्मा, श्रीमती ज्योति चंद्रा, डॉ उमा आडिल एवं डॉ. सितेश्वरी चंद्राकर ने किया एवं आभार प्रदर्शन संस्था के उपाध्यक्ष यादराम चंद्रा ने की ।

इस अवसर पर दुर्ग भिलाई के लोककलाकार एवं साहित्य से जुड़े एवं पूर्व में भुइयां सम्मान प्राप्त कला साधकों में हरि सेन , शैलेश साव , अनुराग ठाकुर, रजनी रजक , भारत भूषण परगनिहा , लताऋषि चंद्राकर, डॉ. डी पी देशमुख, मोरध्वज चंद्राकर, जागेश्वरी मेश्राम, संतोष पाटनवार, अनिता वर्मा, रीना देशमुख , सरिता मुरारी चंद्राकर, सरोज चंद्रा, संस्था के सचिव विजय वर्मा , यादराम चंद्रा, कृतराम मढरिया, कमलेश वर्मा , पवन चंद्राकर, पुष्पकराज देशमुख , जे पी देशमुख, गजेन्द्र चंद्राकर, दीनानाथ सिंगसार्वा, चुरामन दिल्लीवार, भगवतीचरण मढ़रिया, रुपा वर्मा ,अन्नपूर्णा वर्मा, डाकेश्रर परगनिहा, गोपालकृष्ण वर्मा, प्रेमलाल पिपरिया, राजेश कौशिक , बरसाती चंद्रा,दिनेश वर्मा, राजेश वर्मा, सुधीर खिचरिया , विजेंद्र वर्मा , महेश चंद्राकर ,युगल किशोर चंद्राकर, कुलेश्वर चंद्राकर, दिलीप देशमुख, बरसाती चंद्रा, राजेश कौशिक , रूपेन्द्र वर्मा, दौलत चंद्राकर, सतीश वर्मा आदि समाज के विभिन्न पदाधिकारी एवं लोककला एवं साहित्य से जुड़े लोक उपस्थित रहे।

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