
जरूरत मंद लोगों के लिए की नि:शुल्क भोजन व्यवस्था,दी आर्थिक मदद,
भिलाई नगर (खबर वारियर) कोरोना रूपी इस वैश्विक महामारी के वर्तमान संकट काल में पूरा समाज हताश, परेशान हैं। उस दौर में समाज के सदस्यों के द्वारा दान के माध्यम से अपने जरूरत मंद स्वजातियों के आर्थिक सहयोग व असमर्थ परिवारों को निःशुल्क भोजन हेतु उत्सुकता दिखाई व सुझाव दिया, उसी से प्रेरित होकर चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज भिलाई नगर द्वारा विगत 24 अप्रैल से कोरोना प्रभावित असमर्थ परिवारों को निःशुल्क भोजन प्रदान करने का अभियान चलाया गया था। 28 मई को इस सफल आयोजन का समापन किया गया,विगत एक माह से अधिक दिनों तक चलने वाली इस अभियान के तहत कोरोना प्रभावित लगभग 25 परिवारों के सदस्यों को 428 टिफिन की व्यवस्था तथा आर्थिक सहयोग प्रदान की गयी हैं।
चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज भिलाई नगर के अध्यक्ष अजय चंद्राकर ने बताया कि चूंकि कोरोना के दूसरी लहर में इसके पिक समय में टिफिन उपलब्ध कराने वाली संस्था से करार हुआ था, जिसके तहत स्थायी रूप से जरूरतमंद को निःशुल्क भोजन व्यवस्था कराई गई अभी ईश्वर कृपा से कोरोना पाजेटिव केस भी कम होने लगे हैं, इसलिए इस अभियान की समाप्ति की जा रही है। आगे यदि अपने स्वजनों को जरूरत पड़ती है तो फिर से भोजन व्यवस्था की जाएगी ।
अजय चंद्राकर ने कहा कि अपने भिलाई नगर के स्वजातियों के लिए शुरू की गई सेवा जरूरतमंद परिवार को आर्थिक सहयोग व कोरोना प्रभावित असमर्थ परिवार को निःशुल्क भोजन व्यवस्था के सफलता में समाज के सहयोग देने वाले दानशील सदस्यों की भूमिका सर्वोच्च रही, जिनके सहयोग से ही हम सेवा की ओर सफल कदम बढ़ा पाए।
समाज के अध्यक्ष अजय चंद्राकर ने सभी दानशील सहयोगी सदस्यों को कोटिशः धन्यवाद व आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सम्मानीय सदस्यों के हौसला, जज्बा, और उत्साह से यह अभियान पूरी शिष्टता व सफलता के साथ संपन्न हुआ । अन्य सामाजिक आयोजनों, मंचीय आयोजनों से अलग किया गया यह कार्य मन को सुकून व आत्मिक सुख देने वाला रहा ।
इस सेवाभावी आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी दानदाता सहयोगियों के साथ ही चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज भिलाई नगर के कार्यसमिति सदस्यों में मोरध्वज चंद्राकर, डाॅ. दुलारी चंद्राकर, शिव चंद्राकर, महेंद्र चंद्राकर, पवन चंद्राकर गजेंद्र चंद्राकर, महेश चंद्राकर कार्तिक चंद्राकर, दुर्गेश नंदिनी चंद्राकर सरिता मुरारी चंद्राकर का विशेष सहयोग रहा।



