हाईकोर्ट के आदेश के बाद, सियाराम साहू को हंगामे के बीच, भाजपा नेताओं ने नये कमरे में करवाया पदभार ग्रहण

रायपुर(khabar warrior)- अक्सर देखा गया है कि पिछली सरकार के द्वारा की गई नियुक्तियों को दूसरी पार्टी की सरकार बनने के बदल दिया करती है। यह नियमों का उल्लंघन है लेकिन बदलने की इस प्रक्रिया को ऐसा मान लिया जाता है कि नई पार्टी पिछली सरकार की नियुक्तियों बदल देगी। लेकिन किसी भी सरकार ने अगर किसी को निश्चित समय के लिए नियुक्त किया तो वह तब तक उस पद का हकदार होता है। इसी मामले में पिछडा वर्ग आयोग ऑफिस में आज जमकर हंगामा हुआ।

वर्तमान राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के रूप में थानेश्वर साहू को मनोनीत कर नियुक्त कर दिया गया। लेकिन पिछली भाजपा सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष पद पर सियाराम साहू की नियुक्ति की गई थी। इस नियुक्ति की अनदेखी करते हुए वर्तमान कांग्रेस सरकार ने थानेश्वर साहू को नियुक्त कर दिया। मामला हाईकोर्ट में गया और फैसला सियाराम साहू के पक्ष में आया। हाईकोर्ट ने नई नियुक्ति को गलत ठहराते हुए सियाराम साहू को पद पर यथावत बने रहने का आदेश दिया है।

हंगामा तब हुआ जब सियाराम साहू भाजपा नेता और प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास, प्रहलाद रजक और पिछड़ा वर्ग के नेताओं के साथ पुन: पदभार ग्रहण करने पहुंचे तो वर्तमान सरकार द्वारा नियुक्त नये अध्यक्ष थानेश्वर साहू केबिन में ताला लगाकर चले गए थे। इसपर भाजपा नेता गौरी शंकर श्रीवास ने प्रभारी सचिव एसके मिश्रा के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज करायी। प्रभारी सचिव ने शासन द्वारा नियुक्ति के आदेश का हवाला दिया। साथ ही शासन का नया आदेश नहीं मिलने की बात कही। इस पर हंगामा हुआ और भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास और पिछड़े वर्ग के अन्य नेताओं ने एक नये कमरे में सियाराम साहू को पुन: पदभार ग्रहण करवाया, उनका गुलदस्ता देकर स्वागत भी किया गया।