हिन्दुस्तानी आवाम और मुल्क की तरक्की

डेस्क(khabar warrior)- एक धर्मनिरपेक्ष मुल्क होने के कारण हिन्दुस्तान प्रत्येक मजहब, नस्ल इत्यादि में समान दूरी बनाए रखता है फिर भी इसकी विभिन्नता अपने नागरिकों को खुले मन से विभिन्न धर्म एवं मजहबों जैसे हिन्दू इस्लाम इत्यादि का पालन करना सुनिश्चित करती है और इन्हें राजनैतिक व संवैधानिक तौर पर स्वतंत्रता प्रदान करती है।

इस विविधता भरे मुल्क में प्रत्येक भारतीय नागरिक को इसके सामाजिक व राजनैतिक नेतृत्व एवं इसकी खूबसूरती और हिफाजत करने में योगदान देना चाहिए। सभी मजहब अपने बुनियादी स्वरूप मे उस एकमात्र ताकत (परमात्मा/अल्लाह) में विश्वास रखते हैं जो प्रत्येक आत्मा/रुह का मार्गदर्शन करती है ताकि मजहब के नाम पर उत्पन्न की जाने वाली दरारें, मतभेद को पहचान कर नस्तनाबूत कर सके और आपसी कौमी भाईचारा, अमन, देशप्रेम एवं सौहार्द की भावना को मजबूत किया जा सके। यहाँ के आवाम और शासन में परस्पर तालमेल बैठाया जाए जिसमे वैश्विक प्रतियोगिता में मुल्क को सबसे आगे ले जाया जा सके।