लोकतंत्र और मताधिकार पर कुठाराघात के खिलाफ भिलाई से उठी पुरजोर आवाज
जेपी जयंती पर वैचारिक गोष्ठी का आयोजन, सम्मानित किए गए साहित्यकार साव और कोकास

भिलाई (खबरवरियर ) भारतरत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण स्मारक प्रतिष्ठान, एचएससीएल कॉलोनी, रूआबांधा की ओर से लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 124वीं जयंती के अवसर पर रविवार को एक भव्य कार्यक्रम एवं विचार-गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा और लोकतंत्र की मजबूती को लेकर गहन मंथन किया गया।
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ जे.पी. प्रतिमा स्थल पर हुआ, जहाँ अतिथियों एवं उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। यहां एचएमएस के महासचिव प्रमोद कुमार मिश्र ने स्वागत उद्बोधन दिया। इसके पश्चात जे.पी. प्रतिष्ठान परिसर में मुख्य परिचर्चा और विचार-गोष्ठी का आयोजन “देश के संविधान द्वारा प्रदत्त मताधिकार का हनन कर सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या” विषय पर किया गया।
गोष्ठी में मौजूद वक्ताओं ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि किस प्रकार आज देश में आम नागरिकों के लोकतांत्रिक और मौलिक अधिकारों को सीमित किया जा रहा है। सभा को संबोधित करते हुए रामगुलाल ठाकुर (अध्यक्ष, जे.पी. सेनानी एवं छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के संरक्षक) ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता के अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। आज आम नागरिकों के प्रदर्शनों को कुचलने के लिए दिल्ली को छावनी बनाना और लाखों लोगों को उनके मताधिकार से वंचित करना सीधे तौर पर लोकतंत्र का गला घोटने जैसा है।”

मुख्य अतिथि एवं शिक्षाविद् प्रो. डी.एन. शर्मा ने कहा कि “संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार ही हमारे लोकतंत्र की असली ताकत और रीढ़ हैं। जब इन बुनियादी अधिकारों पर ही सुनियोजित हमले होने लगें, तो समझ जाना चाहिए कि हमारा जनतंत्र गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है।
विशिष्ट अतिथि एवं वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश पंकज ने कहा कि आपातकाल के दौर में भी देश की जनता और साहित्यकारों ने तानाशाही ताकतों के खिलाफ डटकर आवाज उठाई थी। आज फिर से वही परिस्थितियां बन रही हैं, जहां नागरिकों के मौलिक अधिकारों और स्वतंत्र आवाजों को दबाने का कुचक्र रचा जा रहा है।
अंत में आयोजन समिति के अध्यक्ष आर पी शर्मा ने आभार व्यक्त किया। आयोजन को सफल बनाने में प्रतिष्ठान के सचिव जीवननंदन राय, कोषाध्यक्ष रेखा शर्मा, महासचिव (सजपा-चंद्रशेखर, छत्तीसगढ़) नंदकिशोर साहू, सम्मानित सदस्य देवेंद्र यादव, सदस्य हरि प्रसाद, समाजवादी नेता त्रिलोक मिश्रा, वरिष्ठ अधिवक्ता (दुर्ग) जमील अहमद, भूपेंद्र यादव, रूद्र यादव, नागेंद्र सिंह,प्रदीप कुमार दलाई अरुण कुमार, योगेश साहू, राकेश कुमार पांडे, विजय कनौजिया, हेमलाल यादव, आशीष कुमार शाह, अजय देवगन, रामविलास यादव, राम हुलास, लक्ष्मण यादव, नथुनी भगत, घनश्याम देवांगन, आलोक बाबू, विजय वर्तमान, नंदकिशोर साहू, शायर मुमताज, हरिप्रसाद, प्रमोद कुमार मिश्रा, मोहम्मद फारूक, राम सिंह, भूषण कुमार साहू, त्रिभुवन मिश्रा, कपिल देव प्रसाद, विश्वनाथ देवांगन, सियाराम वर्मा, दाऊ लाल, संतोष सिंह, नीतीश कुमार, शंकर साहू, धीरज साहू, मनोहर साहू और रमेश सहित समस्त आयोजक मंडल व उपस्थित लोगों की विशिष्ट भागीदारी रही।
साहित्यकारों और वयोवृद्ध जेपी सेनानी का किया गया सम्मान

आयोजन में छत्तीसगढ़ के रचनाधर्मी और साहित्यिक जगत को गौरवान्वित करने वाला क्षण आया, जब प्रतिष्ठान की ओर से राज्य के जाने-माने वरिष्ठ साहित्यकार एवं व्यंग्यकार विनोद साव और वरिष्ठ कवि शरद कोकास को उनकी उत्कृष्ट साहित्यिक सेवाओं, वैचारिक दृढ़ता और समाज के प्रति प्रतिबद्धता के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया।
अतिथियों से सम्मान प्राप्त करने के पश्चात दोनों साहित्यकारों ने आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजन समिति की ओर से जे.पी. सेनानी अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के संरक्षक ठाकुर रामगुलाम का सार्वजनिक जीवन में सुदीर्घ जनसेवा के लिए विशेष तौर पर सम्मान किया गया।



