विचार
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कसम राम की खाते हैं -मंदिर वहीं बनाएंगे : अब बन रहा है मंदिर..!
आलेख-होमेन्द्र देशमुख,भोपाल तीन विशाल गुम्बद, जिस टीले पर खड़े थे ,उसी टीले पर नीम का एक पुराना पेड़ था । सुबह…
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बोधघाट : कॉर्पोरेट मुनाफे के लिए आदिवासी विनाश की परियोजना
आलेख : संजय पराते ✍ ———————— 40 सालों से डिब्बे में बंद बोधघाट परियोजना को कांग्रेस सरकार ने फिर से बाहर…
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जब देश में इंटरनेट ही सुचारू रूप से काम नहीं कर रहा है तो ऑनलाइन स्टडीज और डिजिटल पेमेंट कैसे हो पाएंगी? जवाब दे सरकार – प्रकाशपुंज पांडेय
रायपुर(khabarwarrior)समाजसेवी और राजनीतिक विश्लेषक प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने मीडिया के माध्यम से देश की जनता और सरकार के सामने एक अहम…
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रिकॉर्ड विफलता का बरस : अनलॉक होती महामारी
आलेख : बादल सरोज, मौतों के बीच जश्न मनाना भी इवेंट मैनेजमेंट का एक हिस्सा है, यह बात अगर किसी…
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आखिर इंसान इतना निष्ठुर कैसे हो सकता है?क्या हममें इन्सानियत नहीं बची है?
प्रकाशपुंज पांडेय✍ ———————– केरल में साइलेंट वैली जंगल में हथिनी को पटाखे से भरा हुआ अन्नानास खिला दिया गया था…
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लॉकडाउन पर एक नज़र
प्रकाशपुंज पांडेय🖍️🖍️ मैं आपको मार्च से थोड़ा पहले दिसंबर 2019 में ले चलता हूं जब चीन में कोविड-19 का पहला…
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