पट्रोल डीजल के दामों ने आम जनता को रूलाया, पहली बार शहर में बढ़ी इतनी कीमत

रायपुर(khabar warrior)- राजधानी रायपुर में पहेली बार पेट्रोल के दाम ने आम जनता को रूला दिया। बुधवार को शहर के पट्रोल पंपो में सामान्य पेट्रोल 89.28 रुपए, स्पीड पेट्रोल 92.11 और डीजल 87.96 रुपए प्रति लीटर बिका। बता दें कि पहेली बार शहर में पेट्रोल के दाम 90 के पार हुआ है। बेहद मामूली बढ़त के बाद सामान्य पेट्रोल भी एक-दो दिन में 90 रुपए लीटर के पार होने की आशंका है।

इसी तरह, केवल 20 दिनों में 765 रुपए में बिकने वाला सिलेंडर अब लोगों को 840 रुपए में मिल रहा है। इस वृद्धि के अलावा गैस में जल्दी ही सब्सिडी पूरी तरह खत्म किए जाने की भी चर्चाएं हैं।

केंद्र सरकार के सेस और राज्य सरकार के वैट की वजह से पेट्रोल की कीमत 90 रुपए से ज्यादा हो गई है। ऐसा पहली बार हुआ है जब लोगों को एक लीटर पेट्रोल के लिए 90 रुपए से ज्यादा देने पड़ रहे हैं। इधर दूसरी ओर डीजल की कीमत में भी बढ़ोतरी नहीं रुक रही है। 72 रुपए लीटर में मिलने वाला डीजल अब लगभग 88 रुपए तक पहुंच गया है।

इसका सीधा असर सवारी और सिटी बसों पर पड़ रहा है। बस वाले लगातार अपने अनुसार किराया ले रहे हैं। दूरी के हिसाब से टिकट काटी जा रही है। डीजल महंगा होने की वजह से ट्रांसपोर्ट भी महंगा हो गया है। रायपुर से भिलाई-दुर्ग जाने वाले छोटे पार्सलों के लिए पहले 15 से 20 रुपए वसूल किए जाते थे, लेकिन प्रति पार्सल 40 से 50 रुपए तक लिए जा रहे हैं।

प्रदेश में वैट सबसे कम

छत्तीसगढ़ सरकार का दावा है कि कई बड़े राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल पर वैट सबसे कम लिया जा रहा है। देशभर में सबसे ज्यादा 36 प्रतिशत वैट राजस्थान में वसूला जा रहा है। मणिपुर, तेलंगाना और कर्नाटक में 35 फीसदी, मध्यप्रदेश में 34 प्रतिशत वैट वसूल किया जा रहा है। इन राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में अभी पेट्रोल-डीजल पर 25 फीसदी वैट के साथ 2 रुपए सेस और डीजल पर 25 फीसदी वैट के साथ 1 रुपए सेस लिया जा रहा है। अभी सबसे सस्ता पेट्रोल अंडमान-निकोबार में 75 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है।

कोरोना में पेट्रोल-डीजल से लगातार मिला टैक्स

लाॅकडाउन और कोरोना काल में भी पेट्रोल-डीजल पंप खुले थे, इसलिए सरकारों को टैक्स मिलता रहा, इसमें मामूली कमी जरूर आ गई। मिसाल के तौर पर, वैट से छत्तीसगढ़ सरकार को 1 अप्रैल 2020 से जनवरी 2021 तक 2846 करोड़ रुपए बतौर टैक्स मिले। यहां शासन को पेट्रोल-डीजल से हर माह औसत राजस्व 250 करोड़ रुपए से अधिक मिलता रहा। हालांकि अफसरों का दावा है कि हालात सामान्य रहने पर वैट से सरकार को आमदनी 3000 करोड़ रुपए से पार हो जाती। यह कोरोना से हिली हुई अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

19 रु. तक आ गई है सब्सिडी खत्म हो जाएगी जल्द ही

गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने के बावजूद सब्सिडी की रकम में कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही है। लोगों को खातों में 61 रुपए से ज्यादा की सब्सिडी नहीं आ रही है। पिछले महीने यही सब्सिडी 19 रुपए भी आई थी। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार 1 अप्रैल से खातों में सब्सिडी देना भी बंद कर देगी। ग्राहकों को इस बार सिलेंडर की कीमत देने के बाद उस पर किसी भी तरह की सब्सिडी नहीं दी जाएगी। केवल 31 मार्च तक सिलेंडरों की बुकिंग पर ही सब्सिडी मिलेगी, इसके बाद की बुकिंग पर सब्सिडी बंद कर दी जाएगी। इसकी अधिसूचना मार्च में जारी होने की संभावना है।