तीन काले कृषि कानूनों की वापसी तक किसान आंदोलन करेंगे – राजकुमार गुप्त

दुर्ग(khabar warrior)- केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ, कृषि उपजों के msp की कानूनी गारंटी देने की मांग को लेकर दिल्ली बार्डर में किसानों के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के 6 माह पूरे होने और केंद्र में मोदी सरकार के 7 साल पूरे होने के अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों द्वारा आज पूरे देश में “काला दिवस” मनाया जा रहा है.

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के नेतृत्व में किसानों ने अपने निवास, ट्रेक्टर सहित अन्य वाहनों में काला झंडा फहराकर मोदी सरकार के किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ असंतोष प्रकट किया, इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के एड. राजकुमार गुप्त ने कहा कि 7 साल पहले केंद्र में सरकार बनाने के साथ ही मोदी सरकार ने सबसे पहला काम किसानों की जमीन छीनने के लिये भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 में संशोधन करने के लिये तीन बार अध्यादेश लाया किंतु इस प्रयास में विफल होने के बाद मोदी सरकार ने कोरोना के संकटकाल के आपदा को अवसर में बदलते हुए किसानों पर तीन काले कृषि कानूनों को थोप दिया जिसके खिलाफ देश के किसान दिल्ली की सीमाओं में और देश के अन्य स्थानों में पिछले 6 माह से संघर्ष कर रहे हैं.

छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के नेता ने सरकार को आगाह किया है कि तीन कृषि कानूनों की वापसी और सी – 2 + 50 के फार्मूले से msp और इसकी कानूनी गारंटी की मांग पूरी होते तक किसान आंदोलन जारी रहेगा और यदि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले सरकार किसानों की मांग नहीं मानती है तब केंद्र से भाजपा सरकार की वापसी के लिये अभियान चलाने से किसान पीछे नहीं हटेंगे ।