शासकीय सेवकों ने प्रशासन से मौलिक अधिकार प्रमोशन के लिए लगाई गुहार, फेडरेशन ने विभाग प्रमुखों को लिखा पत्र

नवा रायपुर(khabar warrior) छत्तीसगढ़   शासन के अधीन विभिन्न विभागों द्वारा शासकीय कर्मचारियों एवम् अधिकारियों को समय पर उनके मौलिक अधिकार प्रमोशन से वंचित किए जाने से प्रदेश भर में शासकीय सेवकों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। विभागों द्वारा यदि इस कोरोना काल में जूझ रहे शासकीय सेवकों को शीघ्र पदोन्नति नहीं दी जाती है तो फेडरेशन प्रदेश व्यापी आंदोलन करने की तैयारी में जुट जाएगी।

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने आज विभिन्न विभागों के भारसाधक सचिव एवम् विभागाध्यक्ष को लंबित पदोन्नति प्रकरणों का यथाषीघ्र निराकरण करने पत्र लिखकर अनुरोध किया है।

वर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत कार्यरत् समस्त विभागों के लोक सेवक कोरोना जनित विपरित परिस्थितियों में लगातार कर्तव्यबद्ध होकर सेवाएं दे रहे है। कोरोना के कारण 940 लोकसेवकों को काल के गाल में समाना पड़ा है, परिस्थितियों की भयावहता एवं कार्य की प्रतिकुल स्थितियों से सभी भलीभांति परिचित है।

लाॅकडाउन के कारण आम जन की शासकीय कार्यालयों में आवाजाही विभागाध्यक्ष/मंत्रालय में प्रतिबंधित है। इस अवधि में लोकसेवकों की पदोन्नति से संबंधित कार्यवाही पूर्ण करने में कोई प्रतिबंध नहीं है। प्रत्येक वर्ष 01 जनवरी की स्थिति में रिक्तियों का आंकलन कर जनवरी माह में पदोन्नति की कार्यवाही पूर्ण करने के शासन के स्थायी निर्देश है। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी स्तर के पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही विभागाध्यक्ष स्तर में एवं द्वितीय एवं उच्च पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही शासन स्तर पर सम्पन्न होती है।

पदोन्नति के गोपनीय चरित्रावली, अचल संपत्ति के विवरण की आवश्यकता होती है, जो सभी लोकसेवक समय-सीमा में जमा कर चुके है, किन्तु जनवरी के बाद 4 माह और व्यतीत हो जाने के पश्चात् भी अधिकांश विभागों में पदोन्नति की कार्यवाही पूर्ण नहीं की गई है, पदोन्नति आदेश जारी करना तो दूर की बात है। कई लोक सेवक पात्रता के बाद भी पदोन्नति के बिना सेवानिवृत्त हो रहे हैं, यह बड़े खेद की बात है।

जहां विभागीय पदोन्नति समिति की बैठकें सम्पन्न हो चुकी है, वहां पदोन्नति आदेश जारी नहीं होना समझ से परे है तथा उद्वेलित करने वाला है।ऐसे विभाग के कर्मचारी निरंतर अक्रोशित हो रहे है।

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन समस्त प्रशासकीय विभाग के प्रमुख एवं विभागाध्यक्ष से 15 दिवस के भीतर पदोन्नति की कार्यवाही पूर्ण कर पदोन्नति आदेश जारी करने आग्रह किया है। उक्त अवधि में कार्यवाही पूर्ण नहीं होने पर फेडरेशन प्रदेशव्यापी आकस्मिक बंद कर अपना विरोध दर्ज कराएगा।