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शिक्षा सचिव के आदेश को प्रिंसिपल एसोसिएशन ने बताया तुगलकी फरमान

कहा गरिमा के विरुद्ध, विरोध मे गिनाई ये समस्याएं

रायपुर – छत्तीसगढ़ प्रिंसिपल एसोसिएशन के प्रांतीय संयोजक अनिल शुक्ला ने छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्राचार्य के दायित्व एवं पदीय कर्तव्य के संदर्भ में जारी 9 सितंबर के आदेश का विरोध करते हुए कहा कि इस आदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के आधार स्तंभ प्राचार्य को कमतर करने व स्कूल शिक्षा मंत्री  के उस बयान को तरजीह दी गई है, जिसमें रायपुर के डीईओ एवं बीईओ ने समीक्षा बैठक में कहा था कि प्राचार्यों का ध्यान स्कूल की पढ़ाई मे नहीं बल्कि अपनी केबिन में रहता है।

प्रिंसिपल एसोसिएशन ने गिनाई समस्याएं

छत्तीसगढ़ प्रिंसिपल एसोसिएशन के प्रांतीय संयोजक अनिल  शुक्ला ने अपने बयान मे कहा की विगत दस वर्षों से अधिकांश विद्यालय में भृत्य नहीं,बाबू नहीं,आर एम एस द्वारा स्वीकृत हाई स्कूल में संस्कृत व्याख्याता नहीं,स्कूल शिक्षा विभाग के उत्कृष्ट विद्यालय आत्मानंद स्कूलों में विषय व्याख्याता नहीं,युक्तियुक्त करने के तहत मर्ज की गई में प्राथमिक ,मिडिल स्कूल को मिलने वाला आबंटन राशि पर चर्चा नहीं हो रही है।

वरिष्ठ प्राचार्यों को प्रथम एवं द्वितीय समयमान वेतन नहीं,सेवा निवृत के बाद छः सात माह के बाद भी न जांच न मांग जारी नहीं होना,अपने से जूनियर प्राचार्य बने डीईओ,जेडी के अधीन कार्य करना,कनिष्ठ व्याख्याता को बीईओ बनाकर प्राचार्यों को निर्देश दिलाने,प्राचार्य को टाइम टेबल,परीक्षा प्रश्न पत्र बनाने के अधिकार से वंचित करने,तीन प्रकार के समय में हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल का संचालन,स्कूल समय के बाद भी प्राचार्यों से आन लाइन प्रतिदिन जानकारी मांगना,सभी प्राचार्यों को डीडीओ पावर देने,जिला कलेक्टरों द्वारा प्राचार्यों को मीटिंग में डांटने एवं अपमानित करने,निलंबित तथा इंक्रीमेंट रोकने का अधिकार नहीं होने का भी जिक्र यदि इस पत्र में होता तो प्राचार्यों को कर्तव्य बोध होता।

विरोध जताने किया अपील

एसोसिएशन के प्रांतीय संयोजक अनिल शुक्ला ने अपने सांथियों से अपील करते हुए कहाँ की साथियों आप सभी प्राचार्य बनने के बाद मै समझता हूं कि आप लोग अपने आप को साहब समझने लगे एवं शासन प्रशासन की गलत बातों एवं निर्देश का विरोध करने की बात भूल गए हैं, जिसका परिणाम यह सब तुगलकी फरमान हैं।यदि आप को ऐसा लगता है कि विरोध होना चाहिए बात शासन तक पहुंचना चाहिए तो छत्तीसगढ़ प्रिंसिपल एसोसिएशन तैयार है और पूरे प्रदेश के प्राचार्यों के जिला प्रतिनिधियों की एक बैठक तत्काल अवकाश के दिन राजधानी रायपुर में बुलायी जाय।

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